`हॉकी के जादूगर’ का पारिवारिक घर तोड़ा…विपक्ष ने बीजेपी को घेरा
यूपी के वाराणसी में कचहरी से संदहा सड़क चौड़ीकरण के बीच पुलिसलाइन से कचहरी तक कुल १३ मकानों को बुलडोजर लगाकर तोड़ा गया। इन मकानों में पूर्व ओलिंपियन और पद्मश्री हॉकी प्लेयर स्वर्गीय मोहम्मद शाहिद का घर भी शामिल था। सड़क चौड़ीकरण के लिए यह कार्रवाई की गई। शाहिद के परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से काफी बहसबाजी की और कार्रवाई रोकने की मांग की, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई और बुलडोजर चला दिया गया। भाजपा की इस बुलडोजर राजनीति को लेकर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है और कहा है कि पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार विजेता शाहिद, जिन्होंने १९८० मॉस्को ओलिंपिक में भारत को गोल्ड दिलाया, उनके परिवार को आज सड़क पर ला दिया गया है। आजाद ने आरोप लगाया कि भाजपा की बुलडोजर राजनीति ने इंसानियत और राष्ट्रीय नायकों के सम्मान दोनों को कुचल दिया है।
वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि मकान में रहनेवाले ९ सदस्यों में से ६ ने मुआवजा ले लिया था, जबकि बाकी समय मांग रहे थे। आपको बता दें कि मोहम्मद शाहिद के परिवार ने प्रशासन की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उनकी भाभी नाजनीन ने बताया कि उन्होंने कोई मुआवजा नहीं लिया है और उनके पास दूसरा मकान नहीं है। ऐसे में वे बेघर हो जाएंगे। शाहिद के मामा के लड़के मुश्ताक ने आरोप लगाया कि उनके घर में शादी पड़ी है और उनके पास कहीं और जमीन नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ `प्रशासनिक गुंडई’ है और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
योगी सरकार ने नहीं दी एक दिन की भी मोहलत
चंद्रशेखर आजाद ने आगे कहा कि शाहिद का परिवार बस एक दिन की मोहलत मांग रहा था, लेकिन सरकार ने उनकी गुहार तक नहीं सुनी। आजाद ने सवाल उठाया कि क्या यही है भाजपा का `खेलों का सम्मान’ और `सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास?’ उन्होंने मांग की कि शाहिद परिवार को तुरंत सम्मानजनक आवास, मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
