प्रेम यादव / भायंदर
मीरा रोड के शीतल नगर स्थित शीतल प्लाजा सोसायटी की सी विंग के १०१ नंबर फ्लैट में सोमवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बेडरूम का स्लैब अचानक गिर पड़ा। घटना के बाद रूम को सील कर खाली करा दिया गया। गनीमत रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर मनपा और सोसायटी प्रबंधन की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
घोषित हो चुकी थी धोकादायक इमारत
दस्तावेजों से साफ है कि यह इमारत पहले ही सी-२ए श्रेणी में वर्गीकृत की जा चुकी थी। इस श्रेणी की इमारतें तत्काल खाली करवाने और बड़े पैमाने पर संरचनात्मक मरम्मत करने योग्य मानी जाती हैं। मीरा-भायंदर महानगरपालिका ने सोसायटी को कई बार नोटिस भी जारी किए थे, लेकिन न तो इमारत खाली करवाई गई और न ही कोई ठोस कार्यवाही की गई।
सोसायटी प्रबंधन की लापरवाही
सोसायटी के चेयरमैन और सेक्रेटरी ने मनपा की चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया। न तो समय रहते मरम्मत का काम शुरू किया गया और न ही पुनर्विकास की दिशा में कदम बढ़ाए गए। आरोप है कि सोसायटी पदाधिकारियों ने खुद सेल्फ-डेवलपमेंट का बोर्ड लगाकर बिल्डर के साथ हुए पुनर्विकास एग्रीमेंट को रोका और प्रक्रिया में अड़ंगा डाला। इस मामले में प्रभाग ६ की सहायक आयुक्त प्रियंका भोसले से प्रतिक्रिया जाननी चाही, लेकिन उन्होने व्यस्तता का हवाला देकर बात नहीं की।
हमने बार-बार मनपा अधिकारियों और सोसायटी प्रबंधन को चेताया था। मनपा को लिखित रूप से अवगत कराया कि यह इमारत निवासियों के लिए खतरनाक है। अगर मनपा और सोसायटी दोनों ने समय रहते कार्रवाई की होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती। प्रशासन हादसा होने के बाद ही जागता है।
-सज्जी आईपी ( सामाजिक कार्यकर्ता)
मनपा सिर्फ नोटिस भेजकर मुक्त हो जाती है और सोसायटी के चेयरमैन व सेक्रेटरी ने भी गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाया। हर रोज हमारी जान खतरे में है। अब अगर बड़ा हादसा हुआ तो सीधे तौर पर सोसायटी प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा। हमने बिल्डिंग को रीडेवलपमेंट के लिए बिल्डर के साथ एग्रीमेंट भी कर लिया है, बावजूद इसके समिति पदाधिकारी उसमें अड़ंगा डाल रहे हैं।
-स्वाति पवार, रहिवासी
