– २० दिनों में लगाया ५१ लाख का चूना
-शेयर में निवेश कर भारी मुनाफा का खेला था दांव
सुरेश गोलानी / भायंदर
साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस द्वारा लगातार जारी की जानेवाली चेतावनियों के बावजूद लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन रहे हैं। पिछले एक महीने के भीतर साइबर ठगों ने मीरा-भायंदर में रहनेवाले तीन लोगों के साथ करीब ५१ लाख रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। किसी को शेयर बाजार में निवेश का लालच देकर तो किसी को सस्ती बाईक का झांसा देकर साइबर ठगों ने धोखाधड़ी का शिकार बनाया।
बताया जाता है कि मीरा रोड के रहनेवाले ४० वर्षीय संतोष बागलवाड और काशीमीरा में रहनेवाले २६ वर्षीय दिनेश चौधरी तथा ५२ वर्षीय मधुसूदन पिल्लई को साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर महज ३० दिनों के भीतर क्रमश: २८ लाख ५९ हजार, ६ लाख ५१ हजार और १० लाख २५ हजार का चूना लगा दिया। तीनों ही मामलों में शिकायतकर्ताओं को उनके व्हॉट्सऐप / टेलीग्राम नंबर जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर अनजान लोगों ने मैसेज भेजे और विज्ञापन जारी किए, जिसमें खुद को नामांकित स्टॉक मैनेजमेंट कंपनियों के मिलते-जुलते नाम वाले बोगस फर्मों का कर्मचारी बताते हुए शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग टिप्स के जरिए भारी मुनाफा कमाने का ऑफर दिया। ऑफर से प्रभावित होकर शिकायतकर्ताओं ने ठगों द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक किया। लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें एक व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां साइबर ठग अपने आपको विशेषज्ञ बताकर शेयर खरीदने और बेचने के टिप्स दे रहे थे और बाकी के मेंबर्स अपने निवेश किए पैसों पर हो रहे फायदों का दावा कर रहे थे। पीड़ितों द्वारा पैसे ट्रांसफर करने के बाद साइबर ठग नॉट रिचेबल हो गए।
दो दिनों में उड़ा लिए ५.३५ लाख
चौथे मामले में उत्तन निवासी डैन परेरा फेसबुक पर जारी किए गए एक विज्ञापन का शिकार बने, जिसमें साइबर ठगों ने २२ हजार रुपए में यामाहा बाईक घर बैठे डिलिवर करने का वादा किया था। परेरा ने विज्ञापन में दिए गए व्हॉट्सऐप नंबर पर संपर्क किया तो ठगों ने ३४ यामाहा मोटरसाइकिल के फोटो पोस्ट किए। गौरतलब है कि परेरा ने पेमेंट, रिफंड और डिलिवरी के चक्करों में उलझकर महज दो दिनों के भीतर २५ ट्रांजैक्शन के जरिए ५,३५,९८६ रुपए ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों और डिजिटल ई-वॉलेट में जमा करवा दिए, लेकिन परेरा को न तो मोटरसाइकिल मिली न ही पैसे।
कैसे बचें और कैसे करें शिकायत
संदिग्ध कॉल करनेवाले अज्ञात लोगों से किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन से बचने और सावधानी बरतने की आवश्यकता पर बल देते हुए साइबर पुलिस ने आह्वान किया है कि ठगी के शिकार लोग स्थानीय पुलिस स्टेशनों से संपर्क कर सकते हैं या सीधे १९३० पर साइबर अपराध सेल से संपर्क कर सकते। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in ईमेल के माध्यम से या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने का अतिरिक्त विकल्प भी उपलब्ध है।
