मार्च निकालकर राष्ट्रपति महोदया के नाम का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा
उमेश गुप्ता / वाराणसी
साझा संस्कृति मंच ने मंगलवार को जनसभा और ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, आंदोलनकारियों के खिलाफ सभी मामलों को वापस लेने, राज्य का दर्जा स्वीकार करने और लद्दाख के लोगों को अनुसूची 6 प्रदान करने की पुरज़ोर माँग उठाई।
जनसभा में वक्ताओं ने कहा की साझा संस्कृति मंच लद्दाख के लोगों के संघर्ष का समर्थन करता रहा है और महान देशभक्त सोनम वांगचुक और उनके साथी आंदोलनकारियों पर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के लिए ख़तरा होने का आरोप लगाना, लद्दाखी लोगों के अस्तित्व और ज़मीन, प्राकृतिक संपदा और विकास पर उनके अधिकार और लोक तंत्र मे सवाल करने के नागरिक के अधिकार को ख़त्म करने की एक नापाक कोशिश है।
वक्ताओं ने कहा कि 24 सितंबर को सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है, और इस तथ्य को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया गया है कि पिछले 5 सालों से एक शांतिपूर्ण और लंबा संघर्ष चल रहा है और इसी के तहत वे 10 सितंबर से भूख हड़ताल पर थे।
जो हिंसा हुई उसकी निंदा करते हैँ साथ ही सुरक्षा बलो की गोली से 4 युवक मारे गए, 100 से अधिक घायल हुए और कर्फ्यू लगा दिया गया, जिसकी कड़ी आलोचना करते हैँ। हम मानते हैँ सरकार का यह तरीका राष्ट्रहित में नहीं है ऐसे संवेदनशील मुद्दे को, खासकर हिमालय के उस क्षेत्र में, जो चीन के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जनता की मांग की उपेक्षा और आक्रोश क़ो संभालते समय घोर त्रुटि है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय और लेह के पुलिस महानिदेशक द्वारा वांगचुक को पहले चीनी एजेंट और फिर पाकिस्तान का सहयोगी बताने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। यह देश के सभी सामाजिक कार्यकर्ताओ का अपमान हैl
केंद्र सरकार लोकतांत्रिक आंदोलनों और उनके देशभक्त नेताओं को राष्ट्रविरोधी घोषित करके और उन्हें जेल में डालकर लद्दाख के लोगों के हितों से ऊपर कॉरपोरेट ताकतों के हितों की सेवा कर रही है। लद्दाख में राजनीतिक घटनाक्रम और वहाँ के जन आंदोलन के साथ जिस असंवेदनशील और खतरनाक तरीके से व्यवहार किया जा रहा है, वह भारत भर के सभी संवेदनशील नागरिकों क़ो दुःखी कर रहा है।
जनसभा कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामधीरज, अशोक कुमार, अफलातून, संजीव सिंह,जागृति रही, एकता, नीति, टैंन, अरविंद कुमार, धन्नजय, रवि, पूजा, रोमान, मुस्तफा, अशोक भारत, पारमिता, सिस्टर फ़्लोरिन, इन्दु मुख्य रूप से शामिल रहे।
