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नेपाल को तोड़कर भारत को प्रभावित करने की गहरी साजिश …अमेरिकन इसाइयों पर शक की सुई …₹९० करोड़ देकर जलाया गया नेपाल!

काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह की कथित एनजीओ बारबरा फाउंडेशन के माध्यम से अमेरिकन इसाइयों ने ९० करोड़ रुपए फंड देकर नेपाल को जलाने का काम किया है।

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
नेपाल में पिछले सप्ताह शुरू हुए जेन जी आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मची। सरकारी इमारतों, वाहनों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। नेपाल सरकार ने हालात को गंभीर, लेकिन नियंत्रण में है ऐसा बताया है। इस आंदोलन में ७२ युवकों और कई कर्मचारियों की जान चली गई। हालांकि, आधिकारिक आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं। आरोप है कि इस आंदोलन के पीछे रूलिंग पार्टी का मेयर ही कर्ताधर्ता है और इतने बड़े आंदोलन के लिए फंडिंग और साजिश अमेरिका के इसाइयों द्वारा की गई है। यह आरोप नेपाल कामगार सेना के अध्यक्ष राज ठाकुर उर्फ मास्टर थापा ने लगाते हुए नेपाल को बचाने की अपील करते हुए कहा है कि इसके लिए भारत सरकार को तत्काल नेपाल की मदद के लिए आगे आना चाहिए। तत्काल संवैधानिक राजशाही और हिंदू राष्ट्र घोषित करने में मदद करना चाहिए। अन्यथा नेपाल पाकिस्तान बन जाएगा। इसके लिए पीएम मोदी को आगे आकर दोनों देशों के संबंधों को ध्यान में रखते हुए नेपाल में राजशाही ही लाने में मदद करना चाहिए। राजा ज्ञानेंद्र शाह को वहां गद्दी पर बैठाना ही एकमात्र विकल्प है। अन्यथा नेपाल की दुर्दशा हो जाएगी।
मास्टर थापा ने कहा कि नेपाल में १४ विभागीय क्षेत्र के साथ ७७ जिले हैं। यहां के पूर्व केपी ओली सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया था, जिसका फायदा उठाते हुए एक साल पहले से साजिश शुरू थी। काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह की कथित एनजीओ बारबरा फाउंडेशन के माध्यम से अमेरिकन ईसाइयों ने ९० करोड़ रुपए फंड देकर नेपाल को जलाने का काम किया है। आरोप है कि बालेंद्र उर्फ बालेन शाह और सुदान गौरंग ही जिम्मेदार हैं। शाह अमेरिका का एजेंट है। इनके संगठन ने अमेरिका के छुपे समर्थन से नेपाल को आग में झोंक दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी में सिंह दरबार (संसद भवन), सुप्रीम कोर्ट परिसर और प्रधानमंत्री आवास में आगजनी की घटनाएं हुईं। लेकिन वहां १० मिनट की दूरी पर तैनात फायर ब्रिगेड की टीम कई घंटों तक नहीं आई। नेपाल पुलिस भाग खड़ी हुई और सेना को भी सतर्क मोड में आने में कई घंटे लगे, जिसके चलते काठमांडू के कई इलाकों को आग के हवाले कर दिया गया। इतना ही नहीं ७२ छात्रों के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ। ऐसे लोगों को फांसी पर चढ़ा देना भी कम सजा होगी। इनके कर्मों का हिसाब भगवान पशुपतिनाथ खुद करेंगे।

कहीं दूसरा पाकिस्तान न बन जाए नेपाल!
नेपाल कामगार सेना के अध्यक्ष राज ठाकुर उर्फ मास्टर थापा ने लगाते हुए नेपाल को बचाने की अपील करते हुए कहा है कि इसके लिए भारत सरकार को तत्काल नेपाल की मदद के लिए आगे आना चाहिए। तत्काल संवैधानिक राजशाही और हिंदू राष्ट्र घोषित करने में मदद करना चाहिए। अन्यथा नेपाल पाकिस्तान बन जाएगा। इसके लिए पीएम मोदी को आगे आकर दोनों देशों के संबंधों को ध्यान में रखते हुए नेपाल में राजशाही ही लाने में मदद करना चाहिए। राजा ज्ञानेंद्र शाह को वहां गद्दी पर बैठाना ही एकमात्र विकल्प है। अन्यथा नेपाल की दुर्दशा हो जाएगी।

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