मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनागाय अब राजनीति पशु हो गई

गाय अब राजनीति पशु हो गई

गाय राष्ट्रीय पशु नहीं, लेकिन राजनीति का पशु हो गई।

भारत अब दुनिया के बीफ निर्यातकों में नंबर वन हो गया।

गाय हिन्दू और बकरा मुस्लिम हो गया।

निर्दोष जीव की अब राजनीतिक बलि हो गई।

गाय काटने वालों से चंदा लेकर राजनीति करने वाले,

देश में मालामाल और लोकप्रिय हो गए।

गाय अब राष्ट्रीय पशु नहीं, राजनीति का पशु हो गई।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले शंकराचार्य,

अपने ही देश में हिंदू विरोधी हो गए।

काटने वालों से चंदा लेने वाले ही गाय-प्रेमी हो गए।

हमारे देश में गाय के नाम पर राजनीति करने वालों के लिए,

गाय राष्ट्रीय पशु नहीं, अब राजनीति का पशु हो गई।

गाय के नाम पर वोट मांगने वाले,

अब लुकाछिपी करने लगे हैं।

गाय राष्ट्रीय पशु नहीं, राजनीति का पशु हो गई।

गाय पर राजनीति कर चंदा लेने वाली पार्टियों के लिए,

गाय की आधी नस्ल देशी और आधी विदेशी हो गई।

गाय के नाम पर कितनों की बलि हो गई।

गाय राष्ट्रीय पशु नहीं, राजनीति का पशु हो गई।

— परमानंद वर्मा (छत्तीसगढ़)

अन्य समाचार