-जल्दी ही उद्घाटित होगी ‘गो एल एक्स’ वेबसाइट
उमेश गुप्ता / उत्तर प्रदेश
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने गुरुवार को अपने एक वक्तव्य में कहा कि गौमाता को कटने से बचाने हेतु पूरे देश में गाय खरीदी जाएगी। इसके लिए ओएलएक्स की तर्ज पर ‘गो एल एक्स’ वेबसाइट का निर्माण किया जाएगा, जिसकी जल्द घोषणा होगी। इस वेबसाइट के माध्यम से पूरे देश में गाय बेचने के इच्छुक हिंदुओं से संपर्क कर गाय खरीदी जाएगी।
शंकराचार्य जी ने कहा कि हिंदू कभी भी किसी भी परिस्थिति में गौमाता को कसाइयों को नहीं सौंपता। इस संबंध में झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच गौमाता के प्राणों की रक्षा एवं उन्हें राज्यमाता घोषित कराने की मांग को लेकर 81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा निकाल रहे पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने आज एक चलचित्र जारी करते हुए कहा कि टीवी की एक बहस में एक मौलाना यह कहते दिखाए गए कि ईद में मुस्लिम गाय न काटें, जिसका हम स्वागत करते हैं। लेकिन वही मौलाना आगे कहते हैं कि यदि मुसलमान गाय नहीं खरीदेगा, तो मुसलमान फायदे में रहेगा और हिंदू घाटे में रहेगा। क्योंकि मुसलमान एक-एक गाय लाखों रुपये में खरीदकर उसे काटकर खाता था। अब जब मुसलमान गाय खरीदेगा ही नहीं, तो हिंदुओं को बड़ा घाटा होगा।
उन्होंने कहा कि मौलाना के इस नैरेटिव को पुष्ट करने के लिए कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों पर इससे संबंधित दृश्य दिखाए जाने लगे, जिनमें कोई हिंदू अपनी गाय को मुसलमानों के कुर्बानी के बाजार में बेचना चाहता है, लेकिन मुसलमान यह कह रहा है कि वह गाय नहीं खरीदेगा और हिंदू अपनी गाय को घर ले जाकर पूजे। ऐसे कई दृश्य दिखाए गए, जिनमें बहुत से हिंदू अपनी गाय बेचना चाह रहे हैं, लेकिन मुसलमान उसे नहीं खरीद रहे हैं, जिससे हिंदू परेशान हैं।
कुछ प्रतिष्ठित चैनलों में यह शीर्षक भी चलाया गया कि “मुसलमानों ने गाय खरीदना छोड़ा, संकट में आए हिंदू व्यापारी।” साथ ही यह भी कहा गया कि पश्चिम बंगाल में पशु कुर्बानी को लेकर लागू नए नियमों से मवेशी कारोबार में विवाद गहरा गया है। वहीं, एक महिला को यह कहते हुए दिखाया गया कि मुसलमानों के गाय न खरीदने से हिंदू व्यापारियों की आर्थिक हालत खराब हो गई है।
शंकराचार्य जी ने कहा कि कोई भी हिंदू कभी भी किसी कसाई को गाय नहीं बेचता। यदि हिंदू को यह मालूम हो जाए कि गाय काटी जाएगी, तो वह किसी भी कीमत पर गाय नहीं बेचेगा। उन्होंने कहा कि हिंदू पहले से गाय का व्यापार करते हैं, लेकिन वे गाय तभी बेचते हैं, जब उन्हें विश्वास होता है कि खरीदने वाला उसकी सेवा और देखभाल करेगा। यह कहना कि हिंदू गाय को कटने के लिए बेचता है, सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई ऐसा करता भी है, तो वह हिंदू नहीं है। सिर्फ हिंदू नाम रखने से कोई हिंदू नहीं हो जाता, यदि उसके अंदर हिंदू लक्षण नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जानकारी मिली है कि बहुत से लोग हिंदुओं जैसे नाम रखकर गाय का व्यापार कर रहे हैं, ताकि पकड़े जाने पर हिंदू बदनाम हों।
शंकराचार्य जी ने कहा कि यह कहना कि मुसलमानों के गाय न खरीदने से हिंदू संकट में हैं, पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि यदि मुसलमान गाय खाना छोड़ दें, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। यदि मुसलमान गाय खाना छोड़ दें, तो हम उनकी प्रशंसा करेंगे। हिंदुओं के मन में मुसलमानों के प्रति जो घृणा है, उसका मूल कारण गाय का सेवन है। यदि मुसलमान गाय खाना छोड़ दें, तो हिंदू-मुस्लिम आपसी वैमनस्य काफी हद तक कम हो जाएगा।
