-मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जमकर खोली पोल
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में चुनाव आयोग सत्ताधारियों के इशारे पर काम कर रहा है। हो रहे चुनाव में जमकर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। मुंबई मनपा के लिए तो ‘गेम सेट मैच’ हो चुका है। चुनाव आयोग ने पहले से ही ‘गेम सेट मैच’ कर दिया है। ऐसा जोरदार हमला चुनाव आयोग पर करते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने आयोग की मनमानी की पोल खोल की। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ही ‘गेम सेट मैच’ कर रही है तो फिर चुनाव कराने की जरूरत क्या है। आयोग इलेक्शन नहीं सिलेक्शन ही कर ले। ऐसे शब्दों में आदित्य ठाकरे ने आयोग को फटकार लगाई है।
एक दिन पहले आयोग की तरफ से जारी मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर आदित्य ठाकरे ने शिवसेना भवन में प्रेस कॉन्प्रâेंस की।
शहरों को लूट रहे हैं
मतदाता सूची के आधार पर वे वोट चोरी कर रहे हैं। मुंबई, पुणे जैसी महापालिकाएं जीतकर हमारे शहरों को लूटने का काम शुरू है। इसके विरोध में हम आवाज उठाएंगे। लेकिन शिकायतें देने के बाद भी भाजपा सरकार नहीं, बल्कि चुनाव आयोग कोई कार्रवाई करेगा क्या?
देशद्रोह का मामला दर्ज करना चाहिए!
मतदाता के रूप में आपका नाम सूची में होता है, लेकिन शिंदे गुट और भाजपा ने एक बूथ के मतदाताओं को दूसरे बूथ में स्थानांतरित किया है, ताकि विपक्षी उम्मीदवार हारें और उनके उम्मीदवार जीतें। शिवसेना नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में भाजपा व चुनाव आयोग के सांठगांठ की पोल खोली। आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि अधिकारियों को काम नहीं आता तो उन्हें घर बैठाना चाहिए। और यदि यह सब जानबूझकर किया गया है तो जनता के मतदान अधिकार को छीनने वालों पर देशद्रोह के मामले दर्ज किए जाने चाहिए, ऐसी मांग भी उन्होंने की।
वोट चोरी करके उन्होंने सरकार बनाई है
मतदाता सूची में कुछ जगहों पर डुप्लीकेट, ट्रिप्लीकेट और फर्जी मतदाता हैं। कुछ जगहों पर १० बाय १० के एक ही कमरे में ४०–५० मतदाता दर्ज किए गए हैं। एक दुकान के पते पर भी मतदाता दर्ज थे। यह सारा घोटाला हमने जनता के सामने रखा। सभी विपक्षी दल इस घोटाले की बात कर रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हरियाणा में किस तरह गड़बड़ी हुई, यह जनता के सामने रखा। बिहार में भी जितने मतदाता हैं, उससे ज्यादा मतदान हुआ है। वहां की गड़बड़ी भी कुछ दिनों में सामने आ जाएगी। वोट चोरी करके उन्होंने सरकार बनाई है, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया।
१८ साल के युवाओं को वोट का अधिकार नहीं
सभी मनपा चुनावों के लिए १ जुलाई २०२५ की मतदाता सूची को मान्य किया गया है। इसके विरोध में हमने मोर्चा भी निकाला था। इससे १८ साल पूरे करने वाले युवाओं को मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा। इस सूची की गड़बड़ी अगले हफ्ते हम जनता के सामने लाएंगे। प्रारूप सूची ७ नवंबर को आनी थी, लेकिन तारीख आगे बढ़ाकर २० नवंबर कर दी गई। आखिर वह किसके इंतजार में थे? ऐसा सवाल उन्होंने उठाया।
