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यूपी में पंचायत सचिवों की सरकार से बगावत! …ऑनलाइन उपस्थिति के खिलाफ छोड़ा सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुप

•ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन और ज्ञापन

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर 

यूपी के गांव-गांव में तैनात पंचायत सचिवों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के फरमान के खिलाफ बगावत का एलान कर दिया है। सरकारी व्हाट्सअप ग्रुपों को पंचायत सचिवों ने डिलीट कर दिया है या फिर खुद लेफ्ट होकर हुक्म उदूली शुरू कर दी है। सुल्तानपुर जिले के हरेक विकासखंड मुख्यालयों पर ग्राम पंचायत अधिकारी–ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के बैनर तले सचिवों ने शुक्रवार को जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर सरकार से कर्मियों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

दूबेपुर ब्लॉक मुख्यालय पर पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष राजेश सिंह और महामंत्री कृपा शंकर शुक्ल के नेतृत्व में सचिवों ने खंड विकास अधिकारी दिव्या सिंह को मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को संबोधित दस सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसके पहले ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू किये जाने के विरोध में सचिवों ने पहली से चार दिसंबर तक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन भी किया था। सुबह ग्यारह बजे से दोपहर एक बजे तक शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया गया। सचिवों का कहना है कि एक-एक कर्मी के पास एक से दस गांवों तक का प्रभार है, ऐसे में दिन में तीन बार ऑनलाइन हाजिरी लगाने से सरकारी योजनाओं के संचालन में भारी बाधाएं आएंगी।सचिवों ने आरोप लगाया कि दस-दस गांवों में कार्य निष्पादन के लिए उन्हें निजी संसाधनों का उपयोग करना पड़ता है, जबकि केवल साइकिल भत्ता ही प्रदान किया जाता है। इस व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए सचिवों ने आंदोलन को १५ दिसंबर तक जारी रखने की चेतावनी दी है।विरोध के तहत आज सभी सचिवों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुपों से स्वयं को हटाकर अपना आक्रोश जताया। मांग पत्र सौंपने के दौरान एडीओ पंचायत दिनेश सिंह, मनोज कुमार पांडेय, श्रद्धा त्रिपाठी, प्रतीक सिंह, संगीता पाल, रंजना उपाध्याय, बृजेश तिवारी, नरेंद्र कुमार, मनोज सोनकर, लवनीत शर्मा सहित कई सचिव मौजूद रहे। वहीं जयसिंहपुर में संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार तिवारी के नेतृत्व में सचिवों ने जयसिंहपुर विकास खंड अधिकारी को मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को संबोधित मांग पत्र सौंपा। पहले सचिवों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। मांग पत्र सौंपने के दौरान एडीओ सहित कई सचिव मौजूद रहे।

विकास खंड कूरेभार में ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के बैनर तले ग्राम पंचायत सचिवों ने शुक्रवार को अपना शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन तेज कर दिया है। यह आंदोलन ऑनलाइन उपस्थिति, एफआरएस और सचिवों पर थोपे जा रहे गैर-विभागीय कार्यों के विरोध में किया जा रहा है।

कूरेभार ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित इस सत्याग्रह में सचिवों ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय के ठीक सामने दरी बिछाकर और काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। इसमें सचिव रवि शंकर गुप्ता, प्रकाश कुमार मिश्र, पुष्पेंद्र वर्मा, प्रियंका सिंह, मालती सिंह, अंकिता यादव, सुरेंद्र कुमार, विवेक रावत और खुशबू सोनी सहित कई अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।सचिवों का कहना है कि विभाग द्वारा लगातार अतिरिक्त और गैर-विभागीय कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। जिससे पंचायत स्तर पर नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन उपस्थिति और एफआरएस प्रणाली में तकनीकी दिक्कतों के कारण काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।इस दौरान सचिवों ने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को संबोधित एक दस सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को सौंपा।सचिवों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार, दस दिसंबर से सभी सचिव अपने निजी वाहनों का उपयोग पूरी तरह बंद कर देंगे, जिससे ब्लॉक स्तर से लेकर ग्राम पंचायतों तक की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसके बाद, १५ दिसंबर तक सभी सचिव अपने कार्यालय में प्रयुक्त होने वाले डोंगल ब्लॉक मुख्यालय पर जमा कर देंगे, जिससे ऑनलाइन कार्यप्रणाली लगभग ठप हो जाएगी।सचिवों ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि उनकी जायज़ मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो विस्तृत आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस गंभीर विषय पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

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