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पुणे जमीन घोटाले के बाद अब रायगढ़ में जमीन रिकॉर्ड छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला, नोएडा कोर्ट ने जारी किए समन

सामना संवाददाता / रायगढ़

महाराष्ट्र में जमीन सौदों पर बढ़ती निगरानी के बीच अब रायगढ़ जिले में राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का नया मामला सामने आया है। नोएडा स्थित एक ट्रस्ट ने मुंबई की ज़ोराबियन फैमिली पर राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी मामले में गौतमबुद्धनगर की अदालत ने समन जारी कर दिया है।

 

नोएडा के महर्षि वेद विज्ञान विश्वविद्यापीठ ट्रस्ट की शिकायत के मुताबिक वर्ष 1993–94 में रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के उसरौली गांव में महिला सशक्तीकरण योजना के तहत महिला सिद्ध निर्माण योजना सोसायटी और महिला ध्यान विद्यापीठ सोसायटी के साथ मिलकर एक कृषि भूमि खरीदी गई थी। हालांकि उस समय म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

ट्रस्ट के अनुसार, बाद में 2007 से 2010 के बीच ज़ोराबियन परिवार के सदस्यों ने किसानों को गुमराह कर वही जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश की। लेकिन तलाठी की रिपोर्ट में जमीन पहले से ट्रस्ट द्वारा खरीदे जाने की पुष्टि होने पर उनका म्यूटेशन आवेदन खारिज कर दिया गया।

आरोप है कि इसके बावजूद प्रतिवादियों ने महाराष्ट्र में अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर उच्च राजस्व अधिकारियों के समक्ष दोबारा आवेदन किया, जिसके आधार पर संदिग्ध रूप से महज़ 2–3 सप्ताह में उनका म्यूटेशन मंजूर करा लिया गया। जबकि कानूनी तौर पर इस प्रक्रिया में कम से कम छह महीने का समय लगता है। ट्रस्ट का दावा है कि इस आदेश का कोई अधिकृत राजस्व रिकॉर्ड में उल्लेख नहीं है। ट्रस्ट को वर्ष 2022 में इस कथित हेरफेर की जानकारी हुई, जिसके बाद एसडीओ खालापुर के समक्ष अपील दाखिल की गई, जो वर्तमान में विचाराधीन है।

शिकायत में यह भी आरोप है कि 1 अक्टूबर 2025 को प्रतिवादियों ने ट्रस्ट के नोएडा स्थित कार्यालय में गाली-गलौज कर शिकायत वापस लेने की धमकी दी। उन्होंने अपनी राजनीतिक पहुँच का हवाला देते हुए झूठे मुकदमे दर्ज कराने और बदनाम करने की धमकी दी। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 318, 335, 336 और 340 के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसे आरोप लगाए गए हैं।

अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए सोहराब खोड़ामोराद ज़ोराबियन, फिरोज़ा ज़ोराबियन, फ़रीझाद ज़ोराबियन ईरानी और शहज़ाद ज़ोराबियन के नाम समन जारी कर चारों प्रतिवादियों को 18 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

पुणे ज़मीन घोटाले के बाद अब रायगढ़ की ज़मीन में राजनीतिक दबाव का एक और मामला सामने आया है। ऐसे में नागपुर में अगले हफ्ते से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में इस विषय पर राजनीतिक हलचल तेज़ होने की संभावना है।

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