धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
वाराणसी रेलवे मंडल में ‘मेगा शो-ऑफ’ के नाम पर पीएम नरेंद्र मोदी के लिए आयोजित इवेंट पर ३.३७ करोड़ रुपए के मेगा खर्च ने लोगों की भृकुटियां टेढी कर दी हैं। चार वंदे भारत ट्रेनों के उद्घाटन के नाम पर सजावट समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने पर जमकर फिजूलखर्ची हुई। यह मामला पीएम के साथ ही वाराणसी रेलवे मंडल को भी कटघरे में खड़ा कर रहा है। वाराणसी डिविजन द्वारा आरटीआई में कबूल की गई यह रकम उस कड़वी सच्चाई को उजागर कर रही है कि पीएम के एक राजनीतिक कार्यक्रम की कीमत, गरीब राज्यों की कई ट्रेनों के पूरे साल के बजट से भी भारी है।
मेगा इवेंट की फिजूलखर्ची डीआरएम ने झाड़ा पल्ला!
पीएम मोदी के मेगा इवेंट के दौरान हुई फिजूलखर्ची का मामला तूल पकड़ रहा है। वाराणसी में वंदे भारत ट्रेन सेवा के उद्घाटन के अवसर पर करोड़ों रुपयों की फिजूलखर्ची की गई थी। जब ‘दोपहर का सामना’ संवाददाता ने वाराणसी रेलवे मंडल के डीआरएम आशीष जैन से इस बारे में बात की तो उन्होंने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया।
डीआरएम जैन ने कहा कि मुझे इस खर्च के बारे कोई जानकारी नहीं है। ऐसा कहकर डीआरएम ने इस मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। दूसरी तरफ उनके मंडल ने ही आरटीआई के तहत यह जानकारी दी है। साथ ही इनसे निचले अधिकारी ने भी खर्च होने की बात कही है। कुल मिलाकर यह मामला अब संदिग्ध हो गया है। विपक्ष ने इस फिजूलखर्ची पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह जनता का पैसा है, पीएम की राजनीति का नहीं, जबकि देशभर में रेलवे की सेवाएं बेहाल हैं। आम आदमी को कन्फर्म टिकट मिलना ईद का चांद जैसा हो गया है। बता दें कि अमरावती निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट अजय वासुदेव बोस को उपलब्ध कराई गई जानकारी में बताया गया है कि गत ८ नवंबर को मोदी द्वारा वाराणसी से ४ वंदे भारत ट्रेनों के उद्घाटन समारोह पर कुल ३,३७,९३,३५१ रुपए खर्च किए गए। यह पूरा खर्च वाराणसी डिवीजन के खाते से हुआ। कुछ घंटे की अवधि वाले इस उद्घाटन कार्यक्रम के लिए वाराणसी रेलवे द्वारा साढ़े तीन करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए।
