मुख्यपृष्ठनए समाचारवंदे मातरम पर सवाल...गांधी, टैगोर का अपमान!.. लोकसभा में गरजीं प्रियंका गांधी

वंदे मातरम पर सवाल…गांधी, टैगोर का अपमान!.. लोकसभा में गरजीं प्रियंका गांधी

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर लोकसभा में गरमा- गरम बहस चली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खास चर्चा की शुरुआत की थी। इसके बाद गौरव गोगोई, अखिलेश यादव, अनुराग ठाकुर और आखिरी में प्रियंका गांधी समेत अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने अपनी बात रखी। संसद में वंदे मातरम पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के लिए जिए और देश के लिए ही उन्होंने दम तोड़ा। जितने दिनों तक मोदी जी प्रधानमंत्री रहे करीब उतने ही दिन नेहरू जेल में रहे।’ प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गालियारे में हलचल मच गई है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि वंदे मातरम के स्वरूप पर सवाल उठाना जिस संविधान सभा ने स्वीकार किया वह रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसी विभूतियों का अपमान है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे प्रधानमंत्री महोदय १२ साल से प्रधानमंत्री हैं, लगभग उतने ही साल पंडित नेहरू ने जेल में बिताए। पंडित नेहरू ने देश की आजादी के लिए १२ साल जेल में बिताए और उसके बाद १७ साल प्रधानमंत्री भी रहे।
जेल में बिताए ३,२५९ दिन
पंडित जवाहरलाल नेहरू को आजादी की लड़ाई के हिस्से के तौर पर १९२१ और १९४५ के बीच ९ बार गिरफ्तार किया गया था। उनकी सबसे लंबी हिरासत अहमदनगर के किले में थी। यह हिरासत भारत छोड़ो आंदोलन के बाद अगस्त १९४२ से जून १९४५ तक चली थी यानी कि पूरे ९६३ दिन। अगर पूरी सजा की बात करें तो कुल मिलाकर जवाहरलाल नेहरू ने ३,२५९ दिन जेल में बिताए थे, जो लगभग ९ साल के बराबर है। जेल में रहने के दौरान उन्होंने अपनी प्रसिद्ध किताबें जैसे की डिस्कवरी ऑफ इंडिया और ग्लिम्पसेस ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री लिखी थी।
१७ साल तक की देश की सेवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २६ मई २०१४ को पद संभाला था। अगर अब तक का हिसाब लगाएं तो २०२५ तक उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर ४,२१४ दिन सेवा की है। यह अवधि ११.५ साल से ज्यादा है और अभी भी जारी है। जुलाई २०२५ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदिरा गांधी के ४,०७७ दिनों के रिकॉर्ड को तोड़कर भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया। उनसे आगे सिर्फ जवाहरलाल नेहरू थे, जिन्होंने १७ साल तक सेवा की थी।
‘राष्ट्रवादी नहीं राष्ट्रविवादी पार्टी है भाजपा!’
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद में ‘वंदे मातरम’ पर हो रही चर्चा के औचित्य और आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने राष्ट्रीय गीत को गाने से ज्यादा उसे अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा है कि ‘मुझे नहीं पता भारतीय जनता पार्टी क्या कहना चाहती है। राष्ट्रवादी पार्टी राष्ट्रविवादी पार्टी है। उन्होंने आगे कहा कि इस गीत को गाने से ज्यादा निभाना जरूरी है। संविधान में और भी ऐसे पैâसले हैं। बाबासाहेब ने जो रास्ता दिखाया, उस सामाजिक न्याय पर सरकार कहां खड़ी है। गैर बराबरी पर सरकार कहां खड़ी है। आज लोगों को पचास हजार की फ्लाइट की टिकट खरीदनी पड़ रही है। ये देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं। गाने से ज्यादा निभाना जरूरी है। उसका भाव क्या था कि देश स्वतंत्र हो और आजादी के बाद यहां के कानून से काम हो। लोगों को न्याय मिले। आज सामाजिक न्याय कितना मिल रहा है।’ उन्होंने कहा कि हमें यह देखना चाहिए कि हम अब तक सामाजिक न्याय की दिशा में कितना आगे बढ़े हैं।

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