मुख्यपृष्ठनए समाचारस्थानीय निकाय चुनावों पर नजर... सरकार को चाहिए ७५ हजार करोड़ रुपए...

स्थानीय निकाय चुनावों पर नजर… सरकार को चाहिए ७५ हजार करोड़ रुपए !

सामना संवाददाता / नागपुर

स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए शीत सत्र के पहले दिन विधानमंडल के दोनों सदनों में वर्ष २०२५-२६ के लिए ७५ हजार २८६ करोड़ ३७ लाख ५९ हजार रुपए की अनुपूरक मांगें पेश की गर्इं। मनपाओं के विशिष्ट कार्यों के लिए और स्थानीय निकायों को विशेष अनुदान के रूप में २,२०० करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के लिए अनुपूरक मांग में ६,१०३ करोड़ रुपए का प्रावधान है।
उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधानमंडल के दोनों सदनों में अनुपूरक मांगें पेश कीं। प्रस्तुत अनुपूरक मांगों में से २७,१६७ करोड़ रुपए की मांगें अनिवार्य व्यय और ३८,०५९ करोड़ रुपए की मांगें कार्यक्रम व्यय के लिए हैं। केंद्र प्रायोजित कार्यक्रमों के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से १०,०५९ करोड़ रुपए का प्रावधान अनुपूरक मांग में किया गया है। राज्य में भारी बारिश के कारण प्रभावित किसानों को मुआवजा और आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए १५,६४८ करोड़, राज्य में कृषि पंप, पावरलूम और कपड़ा उद्योग के उपभोक्ताओं को बिजली शुल्क में रियायत, सामूहिक प्रोत्साहन के रूप में ९,२५० करोड़, केंद्र सरकार से राज्यों को पूंजी निवेश के लिए ५० साल के ब्याज मुक्त विशेष कर्ज सहायता योजना के तहत ४,४३९ करोड़, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए केंद्र और राज्य के हिस्से के रूप में ३,५०० करोड़, परिवहन विभाग के अधीन कार्यालयों के विभिन्न खर्चों के लिए और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम को विशेष वित्तीय सहायता के रूप में २,००८ करोड़, संजय गांधी निराधार अनुदान योजना के लिए ३०० करोड़ रुपए और श्रावणबाल सेवा राज्य पेंशन योजना के लिए ४०० करोड़ रुपए अनुपूरक मांगों के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं।

अन्य समाचार