-मनीष तिवारी, अखिलेश यादव की मांग से हिली बीजेपी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे चुनाव सुधार और अलग-अलग राज्यों में शुरू किए गए वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर कल यानी मंगलवार को लोकसभा में जमकर बहस चली। संसद में विपक्ष की ओर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की एक साथ आवाज उठी। कांग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी ने भी चुनाव आयोग के साथ-साथ केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग के बाद केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह से हिल गई।
बता दें कि सदन में बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। मनीष तिवारी ने संसद में चुनाव में सुधार को लेकर ३ बड़ी मांग रखी। पहला, चुनाव आयोग के अधिकारियों के चयन में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किया जाए। दूसरा, एसआईआर की प्रक्रिया जिस तरह हो रही है वो सही नहीं है। पूरे-पूरे राज्य में करना गलत है, जिस विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र से शिकायत आए वहीं कराई जाती है। चुनाव से पहले जो खातों में पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है, ये बंद हो। तीसरी मांग रखते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाने चाहिए। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सवाल किया कि क्या चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाने चाहिए या ईवीएम काउंटिंग की जगह १०० फीसदी वीवीपैट काउंटिंग की जानी चाहिए, उनका दावा है कि ईवीएम वोटों में हेरफेर किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने भी देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की और कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में मरने वाले बीएलओज के परिजनों को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की।
`चुनाव आयोग ने हटाए हजारों वोट’
लोकसभा में जारी चुनाव सुधारों पर बहस में बोलते हुए समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने दावा किया कि चुनाव होने से पहले चुनाव आयोग ने हजारों वोट हटा दिए और चुनाव आयोग की जरूरत के हिसाब से एफिडेविट जमा करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
