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मेडिकल मशीन की जगह प्लायवुड!..मालाड में १६ लाख रुपए की ठगी… वडोदरा का फर्जी ‘डॉक्टर’ गिरफ्तार

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई में साइबर और आर्थिक ठगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब मालाड की एक बिजनेसवुमन से मेडिकल मशीनरी के नाम पर १६ लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दांव इतना हाई-टेक और ड्रामेबाजी इतनी शानदार कि किसी को भी गुस्से से ज्यादा हैरानी हो जाए।
गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड पर मेडिकल सेंटर चलाने वाली ४८ वर्षीय प्रीति पवार आधुनिक उपचार के लिए कुछ विशेष मशीनें और इंप्रâारेड सौना सिस्टम खरीदना चाहती थीं। इंटरनेट पर खोज के बाद उनका संपर्क वडोदरा के नेक्सॉर्थ ऑर्थोपेडिक पीवीटी एलटीडी का मालिक बनकर घूम रहे ठग डॉ. निशांत मेहता से हुआ। प्रीति ने सावधानी रखते हुए वडोदरा में अपने जानकार से कंपनी की जांच भी करवाई। ऑफिस और कागजात देखकर सब सही लगा, मगर ठग का खेल यहीं से शुरू हुआ। प्रीति पवार ने एडवांस, चेक और अन्य माध्यमों से कुल १६ लाख रुपए आरोपी को दिए। ठग ने भरोसे का ऐसा जाल बुना कि पीड़िता को मशीनें बस कागजों में ही दिखाई दीं।
ठग ने सुनाई एक्सीडेंट की कहानी
१७ नवंबर को आरोपी ने कॉल कर बताया कि ‘मैडम, मशीनें ला रही गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया।’ जब पैसे वापस मांगे गए तो फर्जी पेमेंट स्लिप भेज दी। ऊपर से जो चेक मिला, वह भी बाउंस। ठगी के हर पुराने गुर इस्तेमाल किए गए। कुछ दिन बाद आरोपी ने फिर फोन कर कहा, ‘मैडम, नया सेट भेज दिया है।’ लेकिन बॉक्स खोलते ही प्रीति पवार के होश उड़ गए। अंदर मशीनें नहीं, साधारण प्लायवुड और कार्डबोर्ड ठूंसा गया था।
प्रीति ने की पुलिस में शिकायत
प्रीति पवार ने ५ दिसंबर को मालाड पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण की टीम ने जांच शुरू की और कुछ ही समय में वडोदरा के निशांत मेहता को दबोच लिया। अगले दिन अदालत में पेश करने पर आरोपी को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। ऑनलाइन खरीद-फरोख्त में जरा-सी चूक भारी पड़ सकती है। ठग कभी डॉक्टर, कभी इंजीनियर, कभी कंपनी मालिक बनकर सामने आते हैं। मगर मुंबई पुलिस की तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

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