मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
योगी सरकार में जबरन रिटायर किये गये पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लखनऊ के तालकटोरा थाने के प्रभारी ने पूर्व आईपीएस की पत्नी नूतन ठाकुर को फोन कर गिरफ्तारी की सूचना दी है।पुलिस के अनुसार, कुछ महीने पहले देवरिया में दर्ज मुकदमे में अमिताभ ठाकुर को अरेस्ट किया गया है। पुलिस उन्हें अपनी हिरासत में लेकर देवरिया ले जा रही है। देवरिया में हुई एफआईआर में नूतन ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया था। नूतन ठाकुर के अनुसार, अमिताभ ठाकुर मंगलवार की रात किसी काम से दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान उन्हें शाहजहांपुर से तालकटोरा पुलिस ने हिरासत में लिया और उसके बाद बुधवार को सुबह दस बजे उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की। नूतन ठाकुर ने बताया कि वह भी अभी किसी काम के सिलसिले में लखनऊ के बाहर हैं।
जानकारी के अनुसार ट्रेन में सोते समय अमिताभ ठाकुर को उठाया गया।वह किसी काम से दिल्ली जा रहे थे। रात में लखनऊ से दिल्ली की ट्रेन में, जब वह शाहजहांपुर पहुंचे थे, तभी उन्हें चलती ट्रेन में उठाया गया। उसके बाद जब पत्नी ने पता करने की कोशिश की, तो पहले तो कुछ पता नहीं चला। बाद में रेलवे ने इस बात के आशंका जताई कि सादी वर्दी में पुलिस के लोग हो सकते हैं। फिर अभी सुबह दस बजे लखनऊ स्थित तालकटोरा थाने की पुलिस ने कंफर्म किया अमिताभ ठाकुर पुलिस की हिरासते में हैं। अमिताभ ठाकुर बैच 1992 के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2021 में रिटायरमेंट दे दिया था। बहुत दिनों तक अमिताभ ठाकुर अपने आवास पर नाम के साथ जबरन रिटायर का नेम प्लेट लगाये थे। आईपीएस बनने के बाद अमिताभ ठाकुर यूपी के कई जिलों के कप्तान रहे हैं। 2021 में यूपी सरकार के गृह विभाग ने स्क्रीनिंग में अमिताभ ठाकुर को अनुपयुक्त पाया था, जिसके बाद उन्हें रिटायर कर दिया गया। अमिताभ ठाकुर सामाजिक मुद्दों या पीड़ितों के लिये आरटीआई, पीआईएल लगा कर सरकार से सवाल करने के नाते भी जाना जाता है।
