सूरज सिंह
मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो अपनी वफादारी और खौफनाक छवि के कारण आज भी याद किए जाते हैं। उन्हीं में से एक नाम है रोहित वर्मा उर्फ धर्मेंद्र पांडे, जिसे अंडरवर्ल्ड की दुनिया में ‘द हैमर’ के नाम से जाना जाता था। छोटा राजन का यह सबसे भरोसेमंद सहयोगी अंतत: अपने सरगना को बचाने के लिए अपनी और अपनी पत्नी की जान कुर्बान कर बैठा।
प्रभात कॉलनी से अंडरवर्ल्ड तक
रोहित वर्मा कभी मुंबई के सांताक्रुज स्थित प्रभात कॉलनी इलाके में रहा करता था। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर वह धीरे-धीरे छोटा राजन के संपर्क में आया और जल्द ही उसके गिरोह का मुख्य लेफ्टिनेंट बन गया। गिरोह के भीतर उसकी पहचान एक ऐसे आदमी की थी, जो बिना सवाल किए आदेश का पालन करता था।
दाऊद से दुश्मनी
१९९० के दशक के अंत में जब छोटा राजन ने दाऊद इब्राहिम गिरोह से अलग राह पकड़ ली, तब उसके दुश्मनों की संख्या तेजी से बढ़ी। दाऊद गिरोह की हिट लिस्ट में छोटा राजन सबसे ऊपर था। इसी दौर में रोहित वर्मा उसकी निजी सुरक्षा और मूवमेंट की अहम जिम्मेदारी संभाल रहा था।
बैंकॉक हमला खून से लिखी वफादारी
साल २००० में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में छोटा राजन पर दाऊद गिरोह के शूटरों ने घात लगाकर हमला किया। हमले के वक्त छोटा राजन के साथ रोहित वर्मा और उसकी पत्नी मौजूद थे। जिस कमरे में छोटा राजन था उसी में सब बैठे थे। छोटा शकील का भेजा शूटर मुन्ना झींगाड़ा और उसके साथी पीजा बॉय बनकर गए थे। जैसे ही गोलियां चलीं, रोहित वर्मा हमलावरों के सामने खड़ा हो गया। पुलिस और खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान रोहित वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पत्नी भी हमले में मारी गई। गंभीर रूप से घायल छोटा राजन किसी तरह जान बचाकर फरार हो गया। अंडरवर्ल्ड में यह घटना आज भी इस बात के लिए जानी जाती है कि रोहित वर्मा ने छोटा राजन को बचाने के लिए खुद को ढाल बना लिया।
‘द हैमर’ क्यों कहलाता था
रोहित वर्मा का स्वभाव बेहद कठोर था। दुश्मनों पर बेरहमी से हमला करने के कारण ही उसे ‘द हैमर’ कहा जाता था। गिरोह के भीतर उसकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की थी, जो सामने वाले को संभलने का मौका तक नहीं देता था।
मौत के बाद बदली रणनीति
रोहित वर्मा और उसकी पत्नी की मौत के बाद छोटा राजन को गहरा झटका लगा। माना जाता है कि इसी घटना के बाद राजन ने अपनी सुरक्षा नीति पूरी तरह बदल दी और और भी ज्यादा सतर्क जीवन जीने लगा।
अंडरवर्ल्ड की खूनी दास्तान
रोहित वर्मा की कहानी मुंबई अंडरवर्ल्ड की उन कहानियों में शामिल है, जहां वफादारी, हिंसा और मौत एक ही पल में एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। ‘द हैमर’ भले ही अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी कुर्बानी आज भी अंडरवर्ल्ड के काले इतिहास में दर्ज है।
