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मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी कब? आदित्य ठाकरे और संजय राऊत ने की पुलिस कमिश्नर से मुलाकात

मुख्यमंत्री से लेकर
पुलिस तक सब मैनेज!
पूर्णेकर को कैसे मिलेगा न्याय?
सामना संवाददाता / ठाणे
ठाणे में पिछले दो वर्षों में कई हत्याएं हुई हैं। ऑन ड्यूटी एक पुलिसकर्मी की भी हत्या कर दी गई। शिवसेना के विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के १३ सबूत देने के बावजूद मास्टरमाइंड खुले घूम रहे हैं और पुलिस सुरक्षा में घूम रहे हैं। ठाणे पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री ही राज्य के गृहमंत्री भी हैं, लेकिन सीबीआई, पुलिस, मुख्यमंत्री सब मैनेज्ड हैं… फिर पूर्णेकर परिवार को न्याय कैसे मिलेगा? इस तरह का तीखा सवाल शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने किया। आदित्य ठाकरे ने यह सवाल भी किया कि पूर्णेकर की हत्या के मास्टरमाइंड मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे को कब गिरफ्तार किया जाएगा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें बचाने की कोशिश की गई तो ठाणे में एक और मोर्चा निकाला जाएगा।
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या को आज एक महीना पूरा हो गया। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कल मानपाड़ा स्थित गणेशनगर जाकर पूर्णेकर परिवार से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर शिवसेना नेता विनायक राऊत, राजन विचारे, एड. अनिल परब, विधायक सुनील प्रभु, सुनील शिंदे, अजय चौधरी, वरुण सरदेसाई, महेश सावंत, बाला नर, संजय पोतनीस, जिलाध्यक्ष केदार दिघे, शिवसंचार सेना के अध्यक्ष अखिल चित्रे, संपर्कप्रमुख आदित्य शिरोडकर, मनसे जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव, अभिजीत पानसे, कांग्रेस के विक्रांत चव्हाण, एनसीपी के मनोज प्रधान सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान आदित्य ठाकरे ने पूर्णेकर परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे हिम्मत न हारें। शिवसेना पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी है। पूर्णेकर शिवसेना के निष्ठावान शिवसैनिक थे। उनकी हत्या के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी होने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे और इस लड़ाई को और तेज करेंगे।
उन्होंने हत्या के मामले की जांच के संबंध में पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर और भाई जयनाथ पूर्णेकर से जानकारी ली।
शिवसेना नेताओं के तीखे सवाल…पौन घंटे तक सवालों की बौछार… पुलिस आयुक्त रहे निरुत्तर
आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेताओं, विधायकों, पदाधिकारियों और पूर्णेकर परिवार के साथ पुलिस आयुक्तालय पहुंचे और आयुक्त आशुतोष डुंबरे से मुलाकात कर प्रदीप पूर्णेकर हत्या कांड की जांच का हिसाब मांगा। उन्होंने कहा कि जो हत्यारे पकड़े गए हैं, वे कॉन्ट्रैक्ट किलर हैं। पूर्णेकर परिवार ने आपको कई ऐसे सबूत दिए हैं, जिनसे साबित होता है कि इस हत्या के मास्टरमाइंड शिंदे गुट की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे ही हैं। फिर भी शिंदे पति-पत्नी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही है? आदित्य ठाकरे ने चेतावनी दी कि अगर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार नहीं किया गया तो ठाणे में एक और मोर्चा निकाला जाएगा। संजय राऊत ने सवाल किया कि पुलिस कोर्ट में कहती है कि हत्यारे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, क्या यह संभव है? इसका मतलब है कि पुलिस ने उन्हें `थर्ड डिग्री’ नहीं दी है। क्या पुलिस उनसे सच नहीं उगलवाना चाहती? सांसद राऊत ने चेतावनी दी कि सरकारें आती-जाती रहती हैं… कल हमारी भी सरकार आएगी, तब इस हत्या के आरोपियों को बचाने वालों को हम कतई नहीं बख्शेंगे।
अनिल परब ने सवाल किया कि पूर्णेकर की हत्या को एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस को हत्या का सटीक मोटिव समझ नहीं आ रहा है और पकड़े गए सुपारीबाज मुंह नहीं खोल रहे हैं, इस बात पर तो कोई छोटा बच्चा भी भरोसा नहीं करेगा। ठाणे पुलिस आयुक्तालय में सक्षम अधिकारी मौजूद हैं, लेकिन वे इस हत्या के मास्टरमाइंड को पकड़ने में बेबस क्यों नजर आ रहे हैं? लगभग पौन घंटे तक शिवसेना नेताओं ने पुलिस आयुक्त डुंबरे के सामने सबूतों की सूची रखी। नेताओं के इन सवालों की बौछार के सामने आयुक्त डुंबरे निरुत्तर हो गए। उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि पूर्णेकर द्वारा दिए गए वीडियो फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं और उसकी रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आदित्य ठाकरे ने कहा कि पुलिस से ही न्याय की उम्मीद होती है, लेकिन अगर पुलिस ही आरोपी को बचाने लगे तो न्याय मांगने कहां जाएं?
`मुख्यमंत्री पार्टी तोड़ने, जंगल काटने और सह्याद्रि बेचने में व्यस्त’
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गृहमंत्री भी हैं। पिछले दो सालों में हत्या की कई घटनाएं हुई हैं। ठाणे में ऑन ड्यूटी एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी गई। यह सब होते हुए भी अगर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राजनीति करने, पार्टियां तोड़ने, जंगल काटने और सह्याद्रि बेचने में व्यस्त हैं, तो इस राज्य का इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है? मुख्यमंत्री दो दिनों में राम पूर्णेकर से मिलने वाले थे। पुलिस तो हत्या के मास्टरमाइंड के वीडियो दिए जाने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार करने में टालमटोल कर रही है। हमने पुलिस आयुक्त से मिलकर न्याय मांगने की कोशिश की और बुनियादी सवाल पूछे, लेकिन आयुक्त के पास कोई जवाब नहीं था। राजेंद्र शिंदे के आरोपियों के साथ वीडियो का सबूत दिए जाने पर भी जवाब मिलता है कि इसे फॉरेंसिक भेजा गया है। जब अनिल परब ने पूछा कि इसकी रिपोर्ट कब आएगी, तो उन्होंने सरकारी फाइलों की तरह `जल्द से जल्द’ लिख देने जैसा जवाब दिया। आदित्य ठाकरे ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि सब कुछ मैनेज्ड है।
गृह मंत्रालय और कानून-व्यवस्था पर सवाल
आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राऊत ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और ठाणे की स्थिति बीड तथा बिहार से भी बदतर हो गई है।
नरेश म्हस्के और शिंदे गुट पर तीखा हमला
नरेश म्हस्के की धमकियों पर पलटवार करते हुए आदित्य ठाकरे और संजय राऊत ने कड़ा जवाब दिया और कहा कि सत्ता हमेशा नहीं रहती, मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी तक लड़ाई जारी रहेगी।
‘ठाणे की हालत बीड से भी बदतर, महाराष्ट्र ने कभी इतना कमजोर मुख्यमंत्री नहीं देखा’ – संजय राऊत
शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कहा कि राम पूर्णेकर द्वारा दिए गए सबूतों को अगर पुलिस खोज नहीं पा रही है, तो यहां के पुलिस विभाग को बर्खास्त कर देना चाहिए। क्या पुलिस यहां किसी की निजी नौकर बनकर काम कर रही है? लोग कहते हैं कि ठाणे का बिहार बन गया है, लेकिन अब तो बिहार में कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) है, इसलिए बिहार को बदनाम न करें। ठाणे की हालत तो बीड से भी बदतर हो चुकी है। सांसद राऊत ने चेतावनी दी कि पूर्णेकर की हत्या के मास्टरमाइंड मीनाक्षी और राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी होने तक हमारी लड़ाई नहीं रुकेगी।

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