-राहुल गांधी का आह्वान – एक नवंबर को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
-एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर विपक्षी प्रदर्शन प्रस्तावित; रामलीला मैदान की अनुमति पर सवाल
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्र संगठनों से एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं। कांग्रेस और सहयोगी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। राहुल गांधी ने ‘चलो दिल्ली’ का नारा दिया और कहा कि पुलिस की लाठियों से डरने की जरूरत नहीं है।
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इस आंदोलन को किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा संघर्ष बताया। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों, नागरिकों और विद्यार्थी संगठनों से महासभा में शामिल होने की अपील की है। हालांकि, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य अपात्र और दोहरे पंजीकरण वाले नामों को हटाकर सूची को शुद्ध करना है। प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान का नाम सामने आया है, लेकिन अनुमति और कार्यक्रम स्थल को लेकर अनिश्चितता की खबरें भी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता से जुड़े आरोपों का जवाब राजनीतिक बयानबाजी से मिलेगा या दस्तावेजी जांच से?
वोटर लिस्ट पर सवाल, आयोग जवाब दे!
चुनाव आयोग को पुनरीक्षण के आंकड़े, नोटिस प्रक्रिया, अपील व्यवस्था और शिकायत निवारण के विवरण सार्वजनिक करने चाहिए। वहीं प्रदर्शनकारियों के लिए भी आवश्यक है कि वे अपने आरोपों के समर्थन में सत्यापन योग्य तथ्य प्रस्तुत करें। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही दोनों महत्वपूर्ण हैं। आरोपों की सत्यता का निर्धारण प्रमाणों और सक्षम संस्थाओं की जांच के आधार पर होना चाहिए।
