मुख्यपृष्ठनए समाचारअधूरे काम पर मचा था हाहाकार... फुटपाथ बनाने को मजूबर हुआ ठेकेदार!

अधूरे काम पर मचा था हाहाकार… फुटपाथ बनाने को मजूबर हुआ ठेकेदार!

– ओशिवरा ‘मेट्रो’ के नीचे पैदल यात्रियों की जान से खिलवाड़ उजागर

-दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

जेदवी / मुंबई

ओशिवरा मेट्रो स्टेशन के नीचे अधूरे फुटपाथ और खुले नालों से पैदल यात्रियों की जान से हो रहे खिलवाड़ पर ‘दोपहर का सामना’ में ३१ दिसंबर को ‘अधूरा फुटपाथ, ठेकेदार फरार’ शीर्षक से प्रकाशित खबर का आखिरकार असर हो गया है। खबर के प्रकाशन के बाद फरार ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यह एक बार फिर साबित करता है कि ‘सामना’ सिर्फ खबर नहीं, असर भी है। हालांकि, काम पूरा किया गया है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कार्रवाई सवालों के घेरे में है और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर अब भी सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि ओशिवरा मेट्रो स्टेशन के नीचे और आसपास के इलाकों में पिछले ८-१० दिनों से कई स्थानों पर नालियों के ढक्कन टूटे पड़े थे, जबकि कई जगह ढक्कन पूरी तरह उखाड़कर खुले छोड़ दिए गए थे। मेट्रो से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर चलना पड़ रहा था। कई लोग खुले ढक्कनों में फंसकर गिर भी चुके थे, जिससे इलाके में भारी रोष था।
काम छोड़कर ठेकेदार था फरार
वालावलकर मार्ग पर आदर्श नगर से काजूपाड़ा जंक्शन तक फुटपाथ के पुराने पेवर ब्लॉक हटाकर सीमेंट कंक्रीटीकरण का काम शुरू किया गया था। यह कार्य केंद्र सरकार के फेस-वन फंड से के/पश्चिम वार्ड के उप-अभियंता निखिल शेट्टी की देखरेख में शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार बीच में ही काम अधूरा छोड़कर फरार हो गया था। ठेकेदार की लापरवाही का आलम यह रहा कि कई जगह सीमेंट डालने के बाद उसकी देखरेख नहीं की गई, जिससे गीले सीमेंट पर पैरों के निशान तक पड़ गए।
स्थानीय नागरिकों ने लगाए आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नया फुटपाथ पुराने से भी ज्यादा कमजोर और घटिया दर्जे का है। खबर प्रकाशित होने के बाद आनन-फानन में ठेकेदार ने काम तो पूरा किया, लेकिन नागरिकों का कहना है कि यह सिर्फ दिखावे की कार्रवाई है। मेट्रो जंक्शन से सटे इस व्यस्त मार्ग से रोजाना सैकड़ों मुंबईकर गुजरते हैं और अगर गुणवत्ता से समझौता हुआ, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। गणेश नगर निवासी पंकज पाटणकर ने कहा, ‘फुटपाथ का काम बेहद घटिया दर्जे का है। सिर्फ काम पूरा करना काफी नहीं, दोषी ठेकेदार को काली सूची में डाला जाए और संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए।’

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