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दादा को बावनकुले की धमकी…ज्यादा उड़ो नहीं…७० हजार करोड़ के घोटाले का रिजल्ट अभी बाकी है!

सामना संवाददाता / मुंबई

राज्य में महानगरपालिका चुनावों की सरगर्मी के बीच सत्ताधारी महायुति के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। सहयोगी दल भाजपा और दादा गुट के बीच जुबानी जंग अब खुलकर सामने आ गई है। इसी कड़ी में भाजपा ने अजीत पवार को सीधी धमकी दे दी है। पुणे में एक प्रेस कॉन्प्रâेंस के दौरान उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि उन पर ७० हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए, लेकिन जिन लोगों ने ये आरोप लगाए, उन्हीं के साथ वे आज सरकार में बैठे हैं। अजीत पवार के इस बयान से भाजपा खेमे में खलबली मच गई।
पहले भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पलटवार किया और अब भाजपा नेता व राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बेहद सख्त और धमकी भरे लहजे में अजीत पवार को चेतावनी दी है। बावनकुले ने साफ शब्दों में कहा, ‘ज्यादा उड़ो मत, अगर हमने पिछली फाइलें और पुराने पन्ने पलटने शुरू कर दिए तो अजीत पवार बोलने की हालत में भी नहीं रहेंगे।’ बावनकुले ने यह भी कहा कि ७० हजार करोड़ के भ्रष्टाचार मामले का पैâसला अभी अदालत में लंबित है और इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने अजीत पवार के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यह कोई गर्व की बात नहीं है। मामला कोर्ट में है, पैâसला क्या आएगा, यह आगे देखा जाएगा।

विवाद खड़ा करना गलत
भाजपा नेता ने अजीत पवार को नसीहत देते हुए कहा कि वे एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं और इतनी छोटी चुनावी लड़ाई के लिए महायुति के भीतर विवाद खड़ा करना गलत है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि महायुति की समन्वय बैठक में तय हुआ था कि कोई भी नेता आपसी मतभेद सार्वजनिक नहीं करेगा, इसके बावजूद अजीत पवार ने यह बयान क्यों दिया, यह समझ से परे है।
दादा ने तोड़ा महायुति के समन्वय समिति का नियम!
चुनावी जंग के बीच भाजपा और दादा गुट एक-दूसरे के कपड़े फाड़ने में जुट गए हैं। अजीत दादा ने भाजपा पर आरोप लगाया, इसके बाद भाजपा नेता भी दादा के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं। भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले तो काफी नाराज हैं। बावनकुले ने दादा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने महायुति के समन्वय समिति के नियम को तोड़ा है। बावनकुले ने दो टूक कहा कि हम पीछे के पन्ने पलटना नहीं चाहते, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो अजीत दादा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
बावनकुले ने जोर देकर कहा कि अजीत पवार को समन्वय समिति के पैâसलों का पालन करना चाहिए और ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। इस बयान के बाद साफ हो गया है कि महायुति के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। एक तरफ सत्ता में साथ बैठे दल हैं तो दूसरी तरफ एक-दूसरे को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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