सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे अनिल शर्मा कांग्रेस को अलविदा कहते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में शामिल हो गए हैं। ‘मातोश्री’ में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनकी कलाई पर शिवबंधन बांधकर पार्टी में स्वागत किया।
हिंदीभाषी समाज सहित सभी वर्गों में मजबूत पकड़ रखने वाले अनिल शर्मा पिछले तीन दशकों से मालाड, गोरेगांव और आसपास के इलाकों में सामाजिक कार्यों के जरिए लोकप्रिय रहे हैं। अन्नदान, वस्त्रदान, जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता, गरीबों के इलाज, स्वच्छता अभियान, फ्युमिगेशन तथा सांस्कृतिक और खेल आयोजनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। शिवसेना में शामिल होने के साथ ही उन्हें आगामी मनपा चुनाव में गोरेगांव और मालाड क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने समितियों का गठन कर कार्यकर्ताओं को चुनावी कार्य में लगा दिया है।
इस अवसर पर अनिल शर्मा ने कहा कि मौजूदा हालात में उद्धव बालासाहेब ठाकरे और राज ठाकरे की युति ही मुंबई की अस्मिता की रक्षा कर सकती है। मुंबई से और मुंबईवासियों से सच्चा प्रेम करने वाले ठाकरे बंधुओ ने अपने वचननामा में इस बात का विशेष ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में ७०० वर्ग फीट के मकानों को प्रॉपर्टी टैक्स से मुक्त किए जाने की सख्त जरूरत है। मुंबई में कामकाजी युगलों के शिशुओं के लिए हर वार्ड में ‘क्रेशे’ की सुविधा मिलनी चाहिए। साथ ही गरीबों के लिए सस्ती दर पर नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराना जरूरी है। गिग वर्कर्स (डिलीवरी बॉय) के लिए बिना ब्याज के लोन मिले तो उनके लिए बहुत बड़ी राहत होगी। वे अपना जीवन स्तर बेहतर बना पाएंगे। इसी तरह हाउस मेड को प्रतिमाह १५०० रुपए का मानधन भी मुंबई में दिया जाना चाहिए। इसी प्रकार हर नागरिक को सौ यूनिट तक की बिजली प्रâी मिलेगी। यह योजना भी उद्धव बालासाहेब ठाकरे और राज ठाकरे ने अपने वचननामा में रखी है। यदि ठाकरे बंधुओं की युति मनपा चुनाव जीतेगी तो मुंबईवासियों को ये सारी सुविधाएं देना सबसे पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ठाकरे बंधुओं की युति मनपा चुनाव में बहुमत हासिल करेगी और मुंबई को एक सक्षम नेतृत्व मिलेगा।
