उमेश गुप्ता / वाराणसी
गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस शुभ अवसर पर माँ गंगा का दुग्धाभिषेक किया गया, तत्पश्चात विधिपूर्वक षोडशोपचार पूजन संपन्न हुआ, जिसमें पूजन के समस्त निर्धारित अनुष्ठान पूर्ण किए गए।
पूजन के उपरांत माँ गंगा को साड़ी अर्पित कर उनका विशेष श्रृंगार किया गया। इस दिव्य आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के प्रति अपनी गहन आस्था एवं समर्पण भाव व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, दीपों की पावन ज्योति तथा घंटों की मधुर ध्वनि से सम्पूर्ण घाट का वातावरण अलौकिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से अनुप्राणित रहा। कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं आचार्यों के निर्देशन में विधिवत पूजन-अर्चन से हुआ। तत्पश्चात शास्त्रोक्त विधि से माँ गंगा का अभिषेक संपन्न किया गया, जिसमें गंगाजल, दुग्ध, पुष्प एवं विविध पूजन सामग्रियों का उपयोग कर श्रद्धापूर्वक आराधना की गई। संपूर्ण वातावरण वैदिक ध्वनियों एवं भक्तिभाव से ओत-प्रोत हो उठा, जिससे उपस्थित जनमानस को आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हुई।
अभिषेक अनुष्ठान के उपरांत धाम स्थित मंदिर परिसर में विराजमान माँ गंगा के विग्रह का भी विधिपूर्वक पूजन एवं आरती संपन्न की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माँ गंगा एवं भगवान विश्वनाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए विश्वकल्याण एवं सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर बृहस्पतिवार को गंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में भी भव्य गंगा जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत इस बार भी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत अपराह्न 5 बजे चित्तरंजन पार्क से भव्य चुनरी शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, जबकि श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ “गंगे जय जयकारे” के उद्घोष करते हुए आगे बढ़े। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई दशाश्वमेध घाट पहुंची। जहां पर विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष किशोरी रमन दुबे बाबू महाराज, सचिव दिनेश शंकर दुबे, कन्हैया त्रिपाठी, शांतिलाल जैन, गंगेश्वरधर दुबे, गणेश दत्त शास्त्री, मनीष तुलसियान, डॉ. पवन शुक्ला, संदीप कुमार दुबे, संकठ प्रसाद एवं दिनेश सैनी मुख्य रूप से उपस्थित रहे |
दशाश्वमेध घाट पर पहुंचने के बाद मां गंगा को चुनरी अर्पित की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने आरपार की माला चढ़ाकर मां गंगा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इसके साथ ही दीपदान का आयोजन हुआ, जिससे पूरा घाट भक्ति के प्रकाश से जगमगा उठा। आयोजन के दूसरे चरण में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें गंगा के महत्व और संरक्षण पर विचार व्यक्त किए गया l इस अवसर पर गंगा सेवा से जुड़े पांच गंगासेवियों को सम्मानित भी किया गया l पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। गंगा सप्तमी पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर काशी की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
