-फेडरेशन के अध्यक्ष काका ने भी दिया इस्तीफा
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र के चर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात प्रकरण में लगातार हो रहे खुलासों के बीच अब एक और बड़ा राजनीतिक झटका सामने आया है। राज्यभर में करीब १५ हजार कोऑपरेटिव संस्थाओं के नेटवर्क वाले फेडरेशन के अध्यक्ष काका कोयटे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। काका समता कोऑपरेटिव संस्था के भी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। यह वह कोऑपरेटिव बैंक है, जिसमें खरात रूपाली चाकणकर सहित सैकड़ों अन्य खातों से हवाला कारोबार कर रहा था। काका के इस्तीफे को ‘दूसरे बड़े विकेट’ के रूप में देखा जा रहा है।
बता दें कि अहिल्यानगर जिले के स्थित समता नागरी पतसंस्था की शाखा में जांच के दौरान सैकड़ों संदिग्ध खातों का खुलासा हुआ है, जिनमें अशोक खरात को वारिस के रूप में दर्ज किया गया था। इन खातों को लेकर वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपए के लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल शिर्डी पुलिस करीब १०० संदिग्ध खातों की गहन जांच कर रही है। इस मामले में दादा गुट की नेता व महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का नाम भी जुड़ा है। उनकी बहन प्रतिभा चाकणकर और उनके बेटे के नाम पर भी खाते पाए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों में २ करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन हुए हैं, जबकि खातों में अशोक खरात को वारिस बताया गया है। हालांकि, प्रतिभा चाकणकर ने इन खातों से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर को फर्जी बताया है। उधर, समता पतसंस्था के संस्थापक काका कोयटे पहले इस मामले में संस्था की कार्यप्रणाली को वैध बताते रहे, लेकिन बढ़ते दबाव और लगातार उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने आखिरकार राज्य कोऑपरेटिव फेडरेशन के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
