-भाई के साथ दबोची गई फरखंदा खान
-जम्मू-कश्मीर के लिए खेलती है क्रिकेट
सुनील ओसवाल / मुंबई
मुंबई के एक सनसनीखेज सेक्सटॉर्शन मामले ने खेल जगत और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने जम्मू-कश्मीर की महिला क्रिकेटर फरखंदा खान को एक कारोबारी से लाखों रुपए की उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में उसका भाई बाजिल खान और एक अन्य सहयोगी उद्दीन इम्तियाज वानी भी पुलिस के शिकंजे में आए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत धोखाधड़ी तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित सेक्सटॉर्शन रैकेट की ओर इशारा करता है, जिसमें सोशल मीडिया और निजी संबंधों का इस्तेमाल कर शिकार को जाल में फंसाया जाता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और संभावित रूप से अंतर्राज्यीय नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं।
बातचीत दोस्ती में बदली
मामले की शुरुआत २०२४ में हुई, जब दक्षिण मुंबई के कुलाबा इलाके के पीड़ित की पहचान फरखंदा खान से हुई। शुरुआती बातचीत दोस्ती में बदली और फिर निजी चैटिंग तक पहुंच गई। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने कारोबारी को अश्लील संवाद में उलझाया और बाद में उसी सामग्री को हथियार बनाकर पैसे की मांग शुरू कर दी।
फोटो वायरल करने की धमकी
जब कारोबारी ने भुगतान से इनकार किया, तो उसे धमकी दी गई कि उसके निजी चैट और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। इस दबाव में आकर पीड़ित ने अप्रैल २०२४ से जनवरी २०२६ के बीच ३२ अलग-अलग लेनदेन में करीब २३.६१ लाख रुपये ट्रांसफर किए। लेकिन यह सिलसिला यहीं नहीं रुका।
दिल्ली की होटल से पकड़ी गई ब्लैकमेलर फरखंदा!
एक कारोबारी को ब्लैकमेल करके सेक्सटॉर्शन करनेवाली एक महिला क्रिकेटर को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस महिला ने लगातार धमकियों के चलते जनवरी २०२६ में उससे करीब ४० लाख रुपए और वसूले गए। इस तरह कुल मिलाकर यह रकम ६० लाख रुपए से अधिक तक पहुंच गई और यह सिर्फ एक पीड़ित का मामला है। यही कारण है कि जांच एजेंसियां इसे एक बड़े गिरोह के रूप में देख रही हैं। पीड़ित कारोबारी ने अंतत: हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने तकनीकी और मानव खुफिया तंत्र के जरिए आरोपियों का पीछा किया। फरखंदा खान और उसके भाई को नई दिल्ली के एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे आरोपी को श्रीनगर से पकड़ा गया। इस मामले ने कई स्तरों पर बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां खेल जगत से जुड़े व्यक्ति का इस तरह के आपराधिक मामले में शामिल होना चौंकाने वाला है, वहीं दूसरी ओर यह भी सवाल उठ रहा है कि डिजिटल युग में निजी डेटा और संबंध कितने सुरक्षित हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया है। साथ ही आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि सोशल मीडिया और निजी बातचीत के दायरे में जरा सी चूक किस तरह बड़े आर्थिक और मानसिक शोषण में बदल सकती है। फिलहाल, फरखंदा खान और उसके सहयोगियों से पूछताछ जारी है, और जांच एजेंसियां इस पूरे रैकेट की परतें खोलने में जुटी हैं।
