मुख्यपृष्ठसमाचारसोशल मीडिया से प्रासंगिक हुई पत्रकारिता की नारदीय परंपरा -त्रिपाठी

सोशल मीडिया से प्रासंगिक हुई पत्रकारिता की नारदीय परंपरा -त्रिपाठी

•सुल्तानपुर में मनाई गई देवर्षि नारद जयंती

सामना संवाददाता/ सुल्तानपुर

देवर्षि नारद लोक कल्याणकारी, संदेशवाहक और लोक संचारक के रूप में थे। उन्हें इसीलिये आद्य पत्रकार भी कहा जाता है। नारद जी की पत्रकारिता सज्जन रक्षक एवं दुष्ट विनाशक की थी। सोशल मीडिया के पदार्पण से पत्रकारिता में नारदीय परंपरा और भी प्रासंगिक हो गई है। पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। निष्पक्ष एवं लोकमंगलकारी पत्रकारिता होनी चाहिए। ये कहना है आरएसएस के प्रांतीय प्रचार प्रमुख मुरार त्रिपाठी का। वे शुक्रवार को आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर यूपी के जिलामुख्यालय स्थित एक होटल में संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि देवर्षि नारद विश्व पत्रकारिता के आद्य पत्रकार थे। उनकी पत्रकारिता लोकमंगल कारी एवं निष्पक्ष रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता त्रिपाठी के भगवती सरस्वती व देवर्षि नारद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुई। कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान सुल्तानपुर के पूर्व वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. बाल किशोर झा की अध्यक्षता में संगोष्ठी के दौरान बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों ने सहभागिता की। मीडियाकर्मी जीतेन्द्र श्रीवास्तव ने मौजूदा दौर में पत्रकारिता की चुनौतियों का जिक्र किया। मंचस्थ संघ के विभाग संघचालक डॉ.एके सिंह ने देवर्षि नारद की सकारात्मक पत्रकारिता की मौजूदा दौर में प्रासंगिकता को संदर्भित करते हुए अपनी बात कही और आगंतुकों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम संचालन किया सह जिला कार्यवाह शक्ति प्रकाश ने।
इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश , विभाग बौद्धिक प्रमुख डॉ. राधाकृष्ण मिश्र, जिला प्रचार प्रमुख नीरज त्रिपाठी, नगर प्रचारक सुशील, अभिषेक शुक्ल, देवेंद्र पाठक, विजय कुमार व डीजीसी राजस्व अजीत श्रीवास्तव, विजय पांडेय,राकेश त्रिपाठी, अवधेश शुक्ल,विनय सिंह,सतीश पांडेय, संतोष पांडेय, शैलेश आदि उपस्थित रहे।

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