राजेश सरकार
प्रयागराज। गंगा किनारे बसे झूंसी इलाके के लाल चौक पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मजदूर दिवस के मौके पर जोरदार कार्यक्रम आयोजित किया। सुबह से ही मजदूरों और समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ साथी कॉ.जेपी शर्मा ने लाल झंडा फहराया और शिकागो के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की। इस दौरान लाल चौक के संस्थापक कॉ. मुन्नी लाल यादव और जनकवि सीताराम विद्रोही के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 1 मई 2009 से झूंसी का लाल चौक मजदूर संघर्ष का प्रतीक बना हुआ है और हर साल यहां मजदूर दिवस मनाया जाता रहा है। वक्ताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नए लेबर कोड लागू कर मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार किया गया है। कहा कि 8 घंटे के कार्यदिवस की जगह 12 घंटे काम लेने की अनुमति देकर मजदूरों को ‘मशीन’ बनाने की साजिश की जा रही है। आने-जाने और इंतजार के समय को जोड़ने पर मजदूरों के पास अपने परिवार और आराम के लिए भी समय नहीं बचेगा। सभा में यह भी कहा गया कि लेबर कोर्ट, इंस्पेक्टर और यूनियन बनाने के अधिकार जैसे सुरक्षा कवच कमजोर या खत्म किए जा रहे हैं, जिससे मजदूरों की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। वक्ताओं ने बताया कि 12 फरवरी की अखिल भारतीय हड़ताल में 30 करोड़ से ज्यादा मजदूर-किसानों की भागीदारी इस बढ़ते असंतोष का संकेत है। माकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि सरकार की कॉरपोरेट परस्त और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष और तेज किया जाएगा तथा जनवादी ताकतों को एकजुट कर आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन एड.यशवंत सिंह और अध्यक्षता कॉ. जेपी शर्मा ने की। इस मौके पर जिला सचिव अखिल विकल्प, किसान सभा के भूपेंद्र पांडेय सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
