सामना संवाददाता / मुंबई
कुंभ से पहले नासिक में हालात विस्फोटक होते जा रहे हैं। िंरग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर मचा बवाल अब खुली टकराव की स्थिति में बदल चुका है। मातोरी और मुंगसरा में जमीन की नापजोख के दौरान तनाव इतना बढ़ा कि किसान और प्रशासन आमने-सामने आ गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि लाडली बहनों की सुरक्षा का दावा करने वाले मुख्यमंत्री व गृहमंत्री की पुलिस बर्बरता दिखाते हुए घरों में घुसकर कार्रवाई की और महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। दूसरी ओर २५ में से कई गांवों ने इस प्रोजेक्ट को ठुकरा दिया है और भूसंपादन के खिलाफ खुला विरोध शुरू कर दिया है। कुंभ मेले की तैयारियों के बीच बढ़ता यह विवाद अब बड़े आंदोलन की शक्ल लेता दिख रहा है, जिससे प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है।
नासिक में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर तनाव और अधिक गहराता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि सिंहस्थ परिक्रमा मार्ग के लिए ६६.१५ किमी लंबा िंरग रोड प्रस्तावित है, जो २५ गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए लगभग ३६५ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। इनमें से १९ गांवों ने सहमति दी है, जबकि बाकी गांव अब भी इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। मातोरी और मुंगसरा गांवों के लोगों का आरोप है कि पेसा कानून के तहत ग्राम पंचायत की मंजूरी नहीं ली गई, जबकि कई घर इस परियोजना की जद में आ रहे हैं। इसी कारण किसानों का विरोध तेज हो गया है।
किसानों का आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
भूमि माप के दौरान हुए विवाद के बाद किसान आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया और महिला किसानों पर भी बल प्रयोग किया। इसके बाद किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जनआक्रोश आंदोलन करने का ऐलान किया है, जो जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आयोजित होगा। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास के बाहर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।
