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…तो आप भी बन जाएंगे धनकुबेर

शीतल अवस्थी

शिवपुराण में एक ऐसा उपाय बताया गया है जिससे हमारे जीवन की धन संबंधी समस्याएं तो खत्म होती हैं साथ ही अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यदि आप भी धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो यहां बताया गया आसान और चमत्कारी उपाय रोज रात को करें…
वेद-पुराणों के अनुसार, इस सृष्टि का निर्माण भगवान शिव की इच्छा मात्र से ही हुआ है। अत: इनकी भक्ति करने वाले व्यक्ति को संसार की सभी वस्तुएं आसानी से प्राप्त हो जाती हैं। शिवजी अपने भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पलभर में ही पूरी कर देते हैं। नियमित रूप से शिवलिंग का पूजन करने वाले व्यक्ति के जीवन में दुख कम ही महसूस होते हैं।
पुराने से समय से ही कई ऐसी परंपराएं प्रचलित हैं जिनका पालन करने पर व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इन प्रथाओं का पालन न करने पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शुभ फलों की प्राप्ति के लिए एक परंपरा है कि प्रतिदिन रात्रि के समय शिवलिंग के समक्ष दीपक लगाया जाए। इस उपाय के पीछे एक प्राचीन कथा बताई गई है।
कथा के अनुसार अतिप्राचीन काल में गुणनिधि नामक व्यक्ति बहुत गरीब था और वह भोजन की खोज में लगा हुआ था। इस खोज में रात हो गई और वह एक शिव मंदिर में पहुंच गया। गुणनिधि ने सोचा कि उसे रात्रि विश्राम इसी मंदिर में कर लेना चाहिए। रात के समय वहां अत्यधिक अंधेरा हो गया। इस अंधकार को दूर करने के लिए उसने शिव मंदिर में अपनी कमीज जलायी थी। रात्रि के समय भगवान शिव के समक्ष प्रकाश करने के फलस्वरूप से उस व्यक्ति को अगले जन्म में देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव का पद प्राप्त हुआ।
शिवजी के पूजन से श्रद्धालुओं की धन संबंधी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। शास्त्रों में एक सटीक उपाय बताया गया है जिसे नियमित रूप से अपनाने वाले व्यक्ति अपार धन-संपत्ति प्राप्त हो सकती है। इस उपाय के साथ ही प्रतिदिन सुबह के समय शिवलिंग पर जल, दूध, चावल आदि पूजन सामग्री अर्पित करना चाहिए।
इस कथा के अनुसार ही शाम के समय शिव मंदिर में दीपक लगाने वाले व्यक्ति को अपार धन-संपत्ति एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती हैं। अत: नियमित रूप से रात्रि के समय किसी भी शिवलिंग के समक्ष दीपक लगाना चाहिए। दीपक लगाते समय ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करना चाहिए।
शिवपुराण में महादेव के पूजन के संबंध में कई खास ध्यान रखने योग्य नियम बताए गए हैं। शिवलिंग पूजा में बैठते समय ध्यान रखें कि हमेशा उत्तराभिमुख यानि उत्तर की ओर मुंह करके बैठें। जहां शिवलिंग स्थित है उससे पूर्व दिशा की ओर बैठना या खड़े नहीं रहना चाहिए क्योंकि यह दिशा शिवजी के ठीक सामने की ओर रहती है। शिवलिंग से उत्तर दिशा में भी न बैठें क्योंकि इस स्थान पर माता शक्ति पार्वती विराजमान रहती हैं।
शिवलिंग से पश्चिम दिशा की ओर भी नहीं बैठना चाहिए क्योंकि यह आराध्यदेव का स्थान है। इन तीन दिशाओं के अतिरिक्त दक्षिण दिशा ही श्रेष्ठ है, इसी दिशा में बैठकर शिवजी का पूजन करना चाहिए। इसका मतलब यही है कि शिवलिंग से दक्षिण दिशा की ओर बैठें, आपका मुख उत्तर की ओर होना चाहिए।
यदि किसी सर्वगुण संपन्न विवाह योग्य लड़के या लड़की शादी नहीं हो पा रही है तो उसे यहां दिया गया उपाय अपनाना चाहिए। उपाय के अनुसार विवाह करने के इच्छुक व्यक्ति को हर गुरुवार शिवलिंग पर चने की दाल अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही पीले फूल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं। इस उपाय से विवाह के योग जल्दी ही बनते हैं।

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