-सुनेत्रा ने फंड बंटवारे में पक्षपात पर जताई नाराजगी
-सीएम फडणवीस को याद दिलाया महायुति धर्म
सामना संवाददाता / पुणे
महाराष्ट्र की महायुति सरकार के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पुणे महानगरपालिका के बजट में बीजेपी नगरसेवकों को ज्यादा और अजीत पवार गुट के नगरसेवकों को कम विकास निधि दिए जाने के मुद्दे पर अब उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। सुनेत्रा पवार ने सीएम को लिखे पत्र में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की याद दिलाते हुए कहा कि शहर के किसी एक इलाके या किसी एक राजनीतिक गुट को प्राथमिकता देने के बजाय सभी प्रभागों को समान विकास निधि मिलनी चाहिए। उनके इस पत्र को महायुति के भीतर बढ़ती असहमति और दबाव की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी नगरसेवकों को ज्यादा फंड मिलने पर विवाद
पुणे महानगरपालिका के मौजूदा बजट में बीजेपी के नगरसेवकों को प्रति नगरसेवक ७ करोड़ रुपए की विकास निधि आवंटित की गई है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस के नगरसेवकों को केवल ५ करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसी असमानता को लेकर सुनेत्रा पवार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि राज्य और केंद्र स्तर पर सभी दल ‘महायुति’ के रूप में साथ काम कर रहे हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर भी समानता और संतुलन बनाए रखना जरूरी है। राजनीतिक हलकों में सुनेत्रा पवार के इस कदम को मुख्यमंत्री फडणवीस को महायुति धर्म याद दिलाने की कोशिश माना जा रहा है। माना जा रहा है कि एनसीपी के भीतर यह भावना बढ़ रही है कि स्थानीय निकायों और प्रशासनिक पैâसलों में बीजेपी को अधिक महत्व दिया जा रहा है। सुनेत्रा पवार ने अपने पत्र में साफ संकेत दिए कि विकास कार्यों में भेदभाव की भावना नहीं दिखनी चाहिए और सभी नगरसेवकों को समान अवसर व निधि मिलना चाहिए।
महायुति के भीतर बढ़ सकती है असहजता
सुनेत्रा पवार का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में सहयोगी दलों के बीच अंदरूनी खींचतान की चर्चा पहले से तेज है। अब इस मुद्दे ने महायुति के भीतर समन्वय और सत्ता संतुलन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
