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सलाखों का संसार… कहीं थाली से हमला, कहीं रिमोट पर रण कहीं जेलर-कैदी की प्रेमकथा

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आई जेलों से जुड़ी घटनाएं बताती हैं कि जेलों की दुनिया सिर्फ अपराध और सजा तक सीमित नहीं है। यहां अव्यवस्था, वीआईपी सुविधा, बंदियों की झड़प, सुरक्षा चूक और कई बार अजीबोगरीब घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
कानपुर: जेल में बंद एक कैदी ने कथित तौर पर थाली से अपनी गर्दन पर वार कर खुद को घायल कर लिया। घायल कैदी को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि वह अपनी दो बेटियों की हत्या के मामले में जेल आया था।
ललितपुर जिला जेल: पूर्व सांसद जाहिर रिजवान की बैरक में साजो-सामान मिलने के मामले में कार्रवाई तेज हुई है। डिप्टी जेलर समेत पांच जेल कर्मचारियों के निलंबन के बाद अब जेल अधीक्षक मुकेश कुमार को भी प्रथमदृष्टया जिम्मेदार मानते हुए निलंबित किया गया है। डीजी जेल ने विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
वाराणसी: जमीन का केस हारने के बाद राजातालाब तहसील में खुद को आग लगाने वाले बुजुर्ग वशिष्ठ नारायण गौड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग पेट्रोल से भरा कमंडल लेकर तहसील पहुंचे थे। वकीलों और पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक उन्होंने खुद को आग लगा ली।
लखनऊ जेल: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जेल में हमले के मामले में बंदी विश्वास प्रजापति पर मारपीट का केस दर्ज किया गया है। आरोपी बंदी को हाई सिक्योरिटी बैरक में भेजा गया है। डीजी जेल के आदेश पर रेंज डीआईजी ने जांच की। इलाज के दस्तावेज, एक्स-रे और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए।
नैनी जेल में रिमोट पर बवाल:
नैनी जेल में बंदियों के बीच टीवी के रिमोट को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। बीच-बचाव करने पहुंचे बंदीरक्षकों से भी धक्का-मुक्की हुई। बाद में पांच दोषी बंदियों को अलग-अलग जिलों की जेलों में भेज दिया गया।
कोयंबटूर में आत्महत्या की कोशिश:
कोयंबटूर सेंट्रल जेल में एक २५ वर्षीय वैâदी ने कथित तौर पर अपनी लुंगी से फांसी लगाने की कोशिश की। साथी वैâदियों की सूचना पर जेल कर्मियों ने उसे बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। इन घटनाओं से साफ है कि जेलों के भीतर सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं। कहीं प्रभावशाली बंदियों को सुविधाएं मिलने के आरोप हैं, कहीं बंदियों की मानसिक स्थिति चिंता का विषय है, तो कहीं रिमोट जैसी मामूली चीज भी जेल के भीतर टकराव का कारण बन जाती है। जेलें सुधारगृह कहलाती हैं, लेकिन इन घटनाओं ने फिर सवाल खड़ा किया है कि सुधार आखिर किसका हो रहा है, कैदियों का या व्यवस्था का?
बांदा जेल का काना मामला:
गैंगस्टर रवि काना मामले में बांदा जेल अधीक्षक समेत तीन अफसर जांच में दोषी पाए गए हैं। डीआईजी जेल प्रयागराज रेंज ने जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। अब विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी है। एसआईटी भी इस मामले में शिकंजा कस सकती है। सतना जेल की प्रेमकथा: मध्य प्रदेश के सतना जेल में पदस्थ सहायक जेलर फिरोजा खातून को उम्रकैद की सजा काट चुके पूर्व कैदी धर्मेंद्र सिंह से प्रेम हो गया। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला जेल की सीमाओं से निकलकर सामाजिक और धार्मिक चर्चा का विषय बन गया।
हैदराबाद में ‘जेल पर्यटन’: पैसे देकर जेल का अनुभव:
हैदराबाद की चंचलगुड़ा जेल में ‘फील द जेल’ अनुभव चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, लोग १२ घंटे या २४ घंटे के लिए जेल जैसी जिंदगी का अनुभव ले सकते हैं। इसके लिए १२ घंटे का शुल्क करीब १,००० रुपए और २४ घंटे का शुल्क करीब २,००० रुपए बताया गया है। इसमें कैदियों जैसा खाना, सेल में रहना और जेल अनुशासन का अनुभव शामिल है।

 

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