– हालात नहीं सुधरे तो हजारों परिवारों पर मंडराएगा संकट
राजेश सरकार / प्रयागराज
कभी सोने की चमक से जगमगाने वाला सर्राफा बाजार अब कारीगरों की बुझती उम्मीदों और सूने पड़ते चूल्हों की चिंता से घिर गया है। स्वर्ण आभूषणों की खरीद-बिक्री को लेकर फैली आशंकाओं और बाजार में बने असमंजस के बीच संगम सभागार में सर्राफा व्यापारियों और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो हजारों स्वर्ण कारीगर परिवार आर्थिक संकट और भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं।
जिलाधिकारी/उपायुक्त राज्य कर प्रयागराज की मौजूदगी में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश सर्राफा मंडल के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए कारीगरों की पीड़ा प्रशासन तक पहुंचाई। संगठन के संस्थापक एवं संयोजक कुलदीप सोनी ने कहा कि सोना-चांदी का व्यापार केवल कारोबार नहीं, बल्कि हजारों मेहनतकश परिवारों की जीवनरेखा है। बाजार में पैदा हुई नकारात्मक स्थिति का सबसे बड़ा असर उन कारीगरों पर पड़ रहा है, जिनके हाथों की कला से आभूषणों को पहचान मिलती है। जिला अध्यक्ष अनूप वर्मा ने कहा कि सर्राफा व्यापारी हर परिस्थिति में देश और सरकार के साथ खड़े हैं लेकिन सरकार को उन कारीगरों की चिंता भी करनी चाहिए जिनकी रोजी-रोटी इसी काम पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे ही रहे तो कई परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री ने विदेशों से सोना-चांदी की आपूर्ति और खरीद को लेकर बात कही थी, न कि आम जनता को स्वर्ण आभूषणों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए कहा था। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि इस भ्रम को समाचार माध्यमों के जरिए दूर कराया जाए, ताकि बाजार में फैली आशंका खत्म हो सके। नगर अध्यक्ष पंकज सोनी ने कहा कि कारीगर ही सर्राफा व्यापार की असली ताकत हैं। यदि उनके घरों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो पूरा व्यापारिक ढांचा प्रभावित होगा। वहीं महामंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि देशहित के साथ-साथ मेहनतकश परिवारों के सम्मान और सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। बैठक में अशोक कुमार वर्मा, रवि वर्मा, प्रवीन केसरवानी, रिंकू वर्मा, दीपक गुप्ता, राम मोहन शर्मा, मयंक अग्रवाल, संजय मारवाड़ी, शुभम वर्मा, सुधाकर स्वर्णकार, प्रियंक वर्मा और शिव जी स्वर्णकार समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
