मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम एंड स्कैंडल्स: जासूसी सूंघने में एमआई-५ फेल!

स्कैम एंड स्कैंडल्स: जासूसी सूंघने में एमआई-५ फेल!

श्रीकिशोर शाही

(सत्ता में सुंदरी की घुसपैठ-१७)

पामेला बोर्डेस की दोहरी जिंदगी एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी थी। दिन में ब्रिटिश संसद की रिसर्चर और रात में हाई-प्रोफाइल एस्कॉर्ट की भूमिका निभाना ही अपने आप में एक बड़ा जोखिम था। लेकिन यह कहानी महज एक सेक्स स्कैंडल तक सीमित नहीं रहने वाली थी। पामेला के रईस चाहनेवालों की फेहरिस्त में एक ऐसा नाम जुड़ चुका था, जिसने इस पूरे मामले को रातों-रात एक भयानक अंतर्राष्ट्रीय साजिश और राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे बड़े खतरे में तब्दील कर दिया। वह नाम था—अहमद गद्दाफ अल-दैम। यह शख्स कोई साधारण विदेशी रईस नहीं था। वह लीबिया के तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी का चचेरा भाई और लीबियाई खुफिया एजेंसी का एक शीर्ष अधिकारी था।
८० के दशक के उस दौर में ब्रिटेन और लीबिया के बीच भयंकर दुश्मनी थी। लीबिया को पश्चिमी देशों के लिए एक बड़ा अंतर्राष्ट्रीय खतरा माना जाता था। ऐसे समय में ब्रिटेन की सत्ता के केंद्र में मौजूद एक महिला का सीधे लीबियाई खुफिया अधिकारी के साथ अंतरंग संबंध होना, किसी भी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खौफनाक स्थिति थी।
सवाल यह उठने लगा था कि क्या पामेला गद्दाफी के लिए एक जासूस के रूप में काम कर रही थी? क्या वह हाउस ऑफ कॉमन्स की गोपनीय बातें और ब्रिटिश राजनेताओं की कमजोरियां लीबियाई खुफिया तंत्र को सौंप रही थी? या फिर यह महज एक इत्तेफाक था कि पैसे और सत्ता की अंधी दौड़ में पामेला को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की किस खतरनाक आग से खेल रही है?
हैरानी की बात यह थी कि ब्रिटेन की ताकतवर खुफिया एजेंसी ‘एमआई-५’ इस पूरी घुसपैठ से पूरी तरह बेखबर थी। एक विदेशी एस्कॉर्ट, जिसके संबंध एक दुश्मन देश के जासूस से थे, वह खुलेआम ब्रिटिश संसद में वीआईपी सिक्योरिटी पास गले में लटकाए घूम रही थी और राजनेताओं के साथ काम कर रही थी। पामेला ने अनजाने में ही सही, लेकिन एक ऐसी बारूदी सुरंग पर पैर रख दिया था, जो जल्द ही फटने वाली थी। इसी खतरनाक ‘लीबियाई कनेक्शन’ ने उस स्कैंडल की नींव रखी, जिसने आगे चलकर ब्रिटिश सरकार की चूलें हिला दीं।
(शेष अगले अंक में)

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