सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गेटवे ऑफ इंडिया से ‘बेस्ट’ बस स्टॉप हटाए जाने का मामला गरमा गया है। बेस्ट यात्रियों समेत स्थानीय जनता में इस पैâसले को लेकर भारी नाराजगी है। बेस्ट के इस पैâसले के विरोध में अब शिवसेना ने भी सख्त रुख अख्तियार किया है।
दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने हाल ही में बेस्ट की जनरल मैनेजर सोनिया सेठी को एक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने मांग की थी कि गेटवे ऑफ इंडिया के आस-पास बेस्ट के रूट में बदलाव किया जाए और वहां मौजूद बस स्टॉप को हटाकर छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय के सामने ट्रांसफर कर दिया जाए। इस मांग पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बेस्ट कमेटी के सदस्य और शिवसेना के उपनेता नितिन नांदगावकर ने कड़ी चेतावनी दी है। सोमवार को बेस्ट भवन में आयोजित कमेटी की बैठक के दौरान उन्होंने कहा, ‘अगर इस बस स्टॉप को हटाया गया तो हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। अगर हालात ऐसे बने तो हम बेस्ट बसों के नीचे भी लेट जाएंगे।’
नांदगावकर ने कहा कि पूरे देश से लोग जब मुंबई घूमने आते हैं, तब गेटवे ऑफ इंडिया जरूर आते हैं। वर्तमान बस सेवा इन पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सफर का एक बेहद सस्ता विकल्प देती है, जिससे वे चर्चगेट या छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से गेटवे ऑफ इंडिया तक सिर्फ दस रुपए में आ-जा सकते हैं। नितिन नंदगांवकर के विरोध के बाद बेस्ट की जनरल मैनेजर ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर सफाई मांगी।
बेस्ट बस से सफर करने वाले एक यात्री ने कहा, ‘यह सरकार सिर्फ हम गरीबों का नुकसान वैâसे हो, बस यही सोचती है। आम जनता की सुख सुविधाओं से उसे कोई सरोकार नहीं है। बस चुनाव में इनको हमारी याद आती है और जीतने के बाद हमारी तकलीफें नहीं दिखाई देतीं।
