सना खान
एक शिक्षक अपनी कक्षा में पढ़ा रहे थे। एक दिन उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा, ‘तुम्हारी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति कौन है?’ हर छात्र ने अलग-अलग जवाब दिया। किसी ने माता-पिता का नाम लिया, किसी ने दोस्त का और किसी ने अपने गुरु का। लेकिन कक्षा में बैठे एक शांत छात्र ने कहा, ‘मेरी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति वह है जो अब मेरी जिंदगी में नहीं है।’ शिक्षक ने आश्चर्य से पूछा, ‘जो अब तुम्हारे साथ नहीं है, वह सबसे महत्वपूर्ण वैâसे हो सकता है?’ छात्र कुछ पल चुप रहा और फिर बोला, ‘क्योंकि उसी व्यक्ति ने मुझे सबसे ज्यादा सवाल दिए थे। उसके जाने के बाद मैं टूट गया था। मैं हर दिन सोचता था कि ऐसा क्यों हुआ, वह चला क्यों गया और मेरी जिंदगी में आया ही क्यों था। उन सवालों के जवाब ढूंढ़ते-ढूंढ़ते मैंने खुद को समझा, अपनी कमजोरियों को पहचाना और जिंदगी को एक नए नजरिए से देखना सीखा। पूरी कक्षा शांत हो गई। तब शिक्षक ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘जिंदगी में कुछ लोग हमारे साथ रहने के लिए नहीं आते, वे हमें बदलने के लिए आते हैं। उनका जाना दर्द देता है, लेकिन कई बार वही दर्द इंसान को पहले से ज्यादा मजबूत बना देता है।’ सच तो यह है कि हम हर रिश्ते का एक सुंदर अंत चाहते हैं। हम चाहते हैं कि जो लोग हमारी जिंदगी में आए, वे हमेशा हमारे साथ रहें। लेकिन जीवन हमारी इच्छाओं के अनुसार नहीं चलता।
कुछ लोग कुछ समय के लिए आते हैं और फिर किसी मोड़ पर दूर चले जाते हैं। उनके जाने के बाद हमारे पास यादें रह जाती हैं, कुछ अधूरे सवाल रह जाते हैं और कुछ अनकहे शब्द हमेशा दिल में वैâद रह जाते हैं।
कुछ लोग सफर में हमसफर नहीं बनते,
मगर रास्तों का मतलब समझा जाते हैं।
वे जवाब बनकर नहीं आते जिंदगी में,
बस कुछ ऐसे सवाल दे जाते हैं, जो इंसान को बदल जाते हैं।
कुछ मुलाकातें मुकम्मल होने के लिए नहीं होतीं,
वे बस दिल पर एक गहरा सबक लिखने आती हैं।
उनके जाने के बाद भी उनका असर रहता है,
क्योंकि कुछ लोग याद नहीं, एक फलसफा बन जाते हैं।
