मुख्यपृष्ठनए समाचारट्रैफिक के नाम पर नया खेल?.. बंद पड़े ऑक्ट्रॉय नाकों पर सरकार...

ट्रैफिक के नाम पर नया खेल?.. बंद पड़े ऑक्ट्रॉय नाकों पर सरकार की नजर

-ऑक्ट्रॉय नाकों की जमीन पर मेगा प्लान से उठे सवाल

-क्या जाम से राहत की आड़ में होगा व्यावसायीकरण?

सामना संवाददाता / मुुंबई

मुंबई के ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के दावों के बीच राज्य सरकार की नई योजना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर दहिसर, मुलुंड नाका, ऐरोली, मुलुंड कोपरी नाका और मानखुर्द समेत पांच बंद पड़े ऑक्ट्रॉय नाकों को अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन शहरी योजनाकारों और परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना ट्रैफिक की समस्या का स्थायी समाधान साबित होगी या नहीं, इस पर अभी कई सवाल बाकी हैं।
आलोचकों का कहना है कि केवल लंबी दूरी की निजी बसों को शहर की सीमा तक सीमित कर देने से मुंबई की जाम की समस्या खत्म नहीं होगी। उल्टा, इन क्षेत्रों में हजारों यात्रियों के एकत्र होने से दहिसर, मुलुंड और मानखुर्द जैसे इलाकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। पार्किंग, यात्री प्रबंधन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की चुनौतियां भी नई परेशानी खड़ी कर सकती हैं।
सबसे बड़ा सवाल इन बंद पड़े ऑक्ट्रॉय नाकों की जमीन के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर उठ रहा है। प्रस्तावित योजना में शॉपिंग मॉल, फूड कोर्ट, होटल, बैंक्वेट हॉल और मनोरंजन सुविधाओं को शामिल करने की बात कही गई है। ऐसे में विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों के कुछ प्रतिनिधियों का मानना है कि कहीं ट्रैफिक समाधान के नाम पर बहुमूल्य सरकारी जमीनों का व्यावसायीकरण तो नहीं किया जा रहा।

अन्य समाचार