सामना संवाददाता / मुंबई
मध्य रेल के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल, भायखला में रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक (डीजीआरएचएस) डॉ. जगदीश चंद्र ने करोड़ों रुपए की अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनों और नवस्थापित सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (एसआईसीयू) का उद्घाटन किया। रेलवे प्रशासन इसे स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की बड़ी उपलब्धि बता रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ मरीजों तक प्रभावी ढंग से पहुंच पाएगा?
अस्पताल में १८ बेड वाली अत्याधुनिक एसआईसीयू के साथ ५४ लाख रुपए की ड्रेगर एनेस्थीसिया मशीन, ५४ लाख रुपए की अल्ट्रासाउंड मशीन और १.३ करोड़ रुपए की हाई-एंड एडवांस्ड ऑर्थोपेडिक टेबल शुरू की गई है। रेलवे का दावा है कि इससे गंभीर सर्जिकल मरीजों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
दौरे के दौरान डॉ. जगदीश चंद्र ने रेडियोलॉजी, सीटी स्कैन, फिजियोथेरेपी, कैजुअल्टी, आईसीयू और डायलिसिस केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। अस्पताल की उपलब्धियों को दर्शाने वाली ई-पत्रिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल प्रशासन की सराहना करते हुए महानिदेशक ने ५० हजार रुपए के नकद पुरस्कार की घोषणा की। हालांकि, मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव का बयान कई सवाल छोड़ गया।
