-१३१ में ६५ परियोजनाओं को मंजूरी
-जमीन पर सुस्त रफ्तार से उठे सवाल
जेदवी / मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को रेलवे फाटकमुक्त बनाने का बड़ा दावा करते हुए १३१ प्रस्तावित परियोजनाओं में से ६५ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में रेलवे मार्गों पर फाटक समाप्त करने की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है, लेकिन वर्षों से लंबित रेल ओवरब्रिज और अंडरपास परियोजनाओं का रिकॉर्ड इस दावे पर सवाल खड़े कर रहा है।
सरकार की बैठक में ८० रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया, मगर इन योजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि, तय समयसीमा और क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की गई। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह योजना भी कागजों और बैठकों तक ही सीमित न रह जाए।
हकीकत यह है कि राज्य के कई शहरों में पुराने रेल ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण कार्य अब भी धीमी गति से चल रहे हैं। भूमि अधिग्रहण, वित्तीय स्वीकृतियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण अनेक परियोजनाएं वर्षों से अधर में लटकी हुई हैं। इसका खामियाजा आम जनता को रोजाना जाम और घंटों की देरी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
सरकार ने परियोजनाओं के लिए हुडको से कर्ज लेने का सुझाव दिया है, जिससे वित्तीय बोझ बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मंजूरी और घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि पहले से लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है।
