सामना संवाददाता / मुंबई
`प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के तहत अनुदानित एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कमी किए जाने के मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या लगातार घटाई गई है, उसी तरह महाराष्ट्र सरकार की लाडली बहन योजना का दायरा भी धीरे-धीरे कम किया जा रहा है और भविष्य में इसे बंद भी किया जाना निश्चित है।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ देने के उद्देश्य से लाडली बहन योजना लागू की गई, लेकिन अब विभिन्न पात्रता शर्तें लगाकर लाखों महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है। उनके अनुसार, पहले व्यापक स्तर पर लाभ देने का वादा किया गया और अब धीरे-धीरे लाभार्थियों की संख्या कम की जा रही है। लाडली बहन योजना को भी चरणबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है। उनका आरोप है कि आनेवाले समय में और नए नियम लागू कर लाभार्थियों की संख्या और घटाई जा सकती है।
उज्ज्वला योजना में अब सिर्फ ४ सिलेंडर
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म `एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना में पहले १२ सिलेंडरों पर अनुदान मिलता था, जिसे घटाकर ९ किया गया और अब इसे केवल ४ सिलेंडरों तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया है कि रोहित पवार ने दावा किया कि उज्ज्वला योजना में सब्सिडी की सीमा घटाना और लाडली बहन योजना में पात्रता शर्तों को कड़ा करना, दोनों पैâसले सरकार की उसी नीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत पहले वादे किए जाते हैं और बाद में लाभ कम कर दिए जाते हैं।
मतों के लिए योजनाएं, फिर कटौती
एनसीपी नेता ने सरकार पर चुनावी लाभ के लिए योजनाओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद योजनाओं में कटौती शुरू हो जाती है। उन्होंने सरकार को ‘जनता के साथ विश्वासघात करनेवाली सरकार’ बताते हुए कहा कि मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए योजनाओं का लालच दिखाया जाता है और बाद में उनके लाभ सीमित कर दिए जाते हैं।
