मुख्यपृष्ठस्तंभफलसफा: हर वायरल चीज सच नहीं होती

फलसफा: हर वायरल चीज सच नहीं होती

सना खान

एक गांव में एक आदमी रहता था। एक दिन किसी ने उसके बारे में एक अफवाह फैला दी कि उसने अपने पड़ोसी के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया है। बात धीरे-धीरे पूरे गांव में फैल गई। जिसने सुना, उसने आगे बता दिया। किसी ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि सच्चाई क्या है। कुछ ही दिनों में पूरा गांव उस आदमी के खिलाफ हो गया। लोग उसे देखकर बातें करने लगे, उससे दूरी बनाने लगे और उसे गलत समझने लगे।
आखिरकार वह आदमी गांव के एक बुजुर्ग के पास गया और बोला, ‘मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। फिर भी लोग मुझे दोषी मान रहे हैं।’ बुजुर्ग ने उसे एक तकिया दिया और कहा, ‘इसे गांव के बीच में फाड़ दो।’
उसने वैसा ही किया। तकिए के सारे पंख हवा में उड़ गए। फिर बुजुर्ग ने कहा, ‘अब जाओ और सारे पंख वापस इकट्ठा करके ले आओ।’
आदमी ने हैरानी से कहा, ‘यह कैसे संभव है? हवा उन्हें न जाने कहां-कहां ले गई होगी।’
बुजुर्ग मुस्कुराए और बोले, ‘अफवाहें और अधूरी बातें भी ऐसी ही होती हैं। उन्हें पैâलाना आसान है, लेकिन बाद में सच बताकर भी उनका असर पूरी तरह मिटाना मुश्किल होता है।’
आज गांव की जगह सोशल मीडिया ने ले ली है। एक पोस्ट, एक वीडियो, एक स्क्रीनशॉट या एक बयान कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाता है। लोग उसे देखते हैं, साझा करते हैं और बिना पूरी सच्चाई जाने अपनी राय भी बना लेते हैं।
कई बार जो सबसे ज्यादा वायरल होता है, वह पूरी सच्चाई नहीं होता। उसके पीछे छिपे तथ्य, परिस्थितियां और दूसरा पक्ष लोगों तक पहुंच ही नहीं पाता। आज की दुनिया में सबसे तेज चीज इंटरनेट नहीं, बल्कि बिना जांची हुई जानकारी है। हम किसी व्यक्ति, घटना या मुद्दे के बारे में सिर्फ इसलिए निर्णय नहीं ले सकते। क्योंकि वह वायरल हो चुका है। वायरल होना और सही होना, दोनों अलग बातें हैं। सच को सामने आने में समय लगता है, लेकिन अफवाह कुछ ही मिनटों में पूरी दुनिया घूम आती है।
सोशल मीडिया के इस दौर में सबसे बड़ी समझ यह नहीं कि हम क्या देख रहे हैं, बल्कि यह है कि हम किस बात पर विश्वास कर रहे हैं। क्योंकि हर वायरल चीज सच नहीं होती और हर सच वायरल नहीं होता। लोग एक पोस्ट देखकर फैसला सुना देते हैं, बिना पूरी कहानी जाने किरदार बना देते हैं।
आजकल सच से पहले चर्चाएं पहुंच जाती हैं और हकीकत से पहले अफवाहें फैल जाती हैं। इसलिए हर सुनी हुई बात पर यकीन मत किया करो, सच्चाई को भी सामने आने का वक्त दिया करो।

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