मुख्यपृष्ठसमाचारक्या आग के साए में मुंबई के रेलवे स्टेशन?

क्या आग के साए में मुंबई के रेलवे स्टेशन?

जेदवी / मुंबई

-स्टेशनों की अग्नि सुरक्षा पर रेलवे को क्यों हुई चिंता?

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। भारतीय रेल ने देशभर के रेलवे स्टेशनों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का फैसला किया है। रेलवे इसे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद बता रहा है, लेकिन इस कदम ने स्टेशनों पर मौजूदा अग्नि सुरक्षा तैयारियों को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा इंतजामों की होगी व्यापक जांच
ऑडिट के दौरान स्टेशन भवनों, विद्युत प्रणालियों, एयर कंडीशनिंग एवं वेंटिलेशन सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन उपकरणों, पानी की उपलब्धता, पंपिंग और स्प्रिंकलर सिस्टम की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके साथ ही यह भी परखा जाएगा कि स्टेशनों पर निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
अब क्यों महसूस हुई ऑडिट की जरूरत?
रेलवे के इस फैसले ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है। जिन सुरक्षा मानकों का पालन पहले से सुनिश्चित होना चाहिए था, उनकी स्थिति जानने के लिए अब बड़े पैमाने पर ऑडिट की जरूरत क्यों पड़ रही है? यदि कहीं कमियां मिलती हैं तो यह सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े करेगा।
मुंबई के स्टेशनों पर कितनी पुख्ता है फायर सेफ्टी?
मुंबई के ३७ महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर ‘एकीकृत सुरक्षा प्रणाली’ (आईएसएस) के तहत सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। वहीं मुंबई मेट्रो की नई एक्वा लाइन सहित आधुनिक स्टेशनों पर अत्याधुनिक हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर और पंपिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद हाल के दिनों में कुर्ला और विद्याविहार जैसे स्टेशनों पर आग की घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्शन पर जोर
रेलवे प्रशासन अब स्टेशनों और ट्रेनों में फायर अलार्म तथा स्मोक डिटेक्शन सिस्टम को प्राथमिकता दे रहा है। साथ ही ज्वलनशील पदार्थों की ढुलाई और धूम्रपान पर रोक लगाने के लिए आरपीएफ विशेष अभियान चला रही है।
खामियां मिलीं तो होगी तत्काल कार्रवाई
रेलवे ने जांच के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें गठित करने का निर्णय लिया है। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ एजेंसियों और राज्य अग्निशमन विभाग की सहायता भी ली जाएगी। जिन स्टेशनों पर कमियां सामने आएंगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।
जनवरी २०२६ को रात करीब ८:३० बजे कुर्ला रेलवे स्टेशन के पास प्लेटफॉर्म नंबर ५ के समीप ईएमयू साइडिंग में खड़ी कचरा ढोने वाली ‘मक स्पेशल’ ट्रेन के एक कोच में भीषण आग लगने से रेलवे की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। आग पर काबू पाने के लिए सायन और विद्याविहार के बीच ओवरहेड बिजली आपूर्ति को लगभग २५ मिनट तक बंद करना पड़ा, जिसके कारण मध्य रेलवे की उपनगरीय सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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