मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
गाजीपुर में चार साल के मासूम भांजे की गला काटकर हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषी मामा अमजद खान को फांसी की सजा सुनाई है। गुरुवार को फैसला सुनाते समय अदालत में एक ऐसा संवाद हुआ, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अखिलेश सिंह के अनुसार, सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश शक्ति सिंह ने दोषी अमजद खान से पूछा, “यदि तुम्हें छोड़ दिया जाए तो क्या करोगे?” इस पर उसने जवाब दिया, “हत्या करूंगा।”
दोषी के इस जवाब और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इसे दुर्लभतम श्रेणी (Rarest of Rare) का अपराध मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोषी को “मरते दम तक फांसी पर लटकाया जाए।”
मामला चार साल पहले का है, जब अमजद खान ने अपने ही चार वर्षीय भांजे की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया और कहा कि मासूम बच्चे की निर्मम हत्या समाज को झकझोर देने वाला अपराध है, जिसके लिए कठोरतम दंड आवश्यक है।
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया।
