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मुंबईकरों पर मंडराता जल संकट!

-झीलों का जलस्तर १०.७२ प्रतिशत तक गिरा

सामना संवाददाता / मुंबई

आर्थिक राजधानी मुंबई में इस साल मानसून की कछुआ चाल और प्री-मानसून बारिश की कमी ने शहर को एक गंभीर संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। मनपा के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का कुल जलस्तर गिरकर महज १०.७२ प्रतिशत रह गया है। झीलों के तेजी से सूखने की इस खबर ने आम नागरिकों के बीच भारी चिंता पैदा कर दी है।
नागरिकों में दहशत, मनपा की पानी कटौती जारी
जलाशयों में पानी की इस भारी कमी को देखते हुए मुंबईकरों के बीच पानी की किल्लत को लेकर डर का माहौल है। मौसम विभाग द्वारा इस साल अल-नीनो के प्रभाव के चलते कमजोर मानसून की आशंका जताए जाने के बाद यह चिंता और गहरी हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर, स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मनपा ने पहले ही पूरे मुंबई में १०प्रतिशत पानी की कटौती लागू कर रखी है। इसके अलावा, अवैध रूप से पानी निकालने और पानी की बर्बादी को रोकने के लिए टैंकर फिलिंग पॉइंट्स पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। उसके बावजूद जल माफियाओं की हिम्मत बढ़ती हुई नजर आ रही है।
प्रशासन की अपील
मनपा के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग ने नागरिकों से पानी का अत्यंत समझदारी से उपयोग करने और हर बूंद को बचाने की अपील की है ताकि आने वाले दिनों में और कड़ी कटौती से बचा जा सके। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कोकण और मुंबई के इलाकों में अगले ३ से ४ दिनों में मानसून के सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। हालांकि, जब तक इन वैâचमेंट एरिया (जल ग्रहण क्षेत्रों) में भारी और लगातार बारिश नहीं होती, तब तक मुंबई को इस जल संकट से पूरी राहत मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।
सूखती झीलें, बढ़ती चिंता
कमजोर मानसून और प्री-मानसून बारिश की कमी से मुंबई के सातों जलाशयों का जलभंडार घटकर १०.७२ प्रतिशत पर पहुंच गया है। मनपा ने १० फीसदी पानी कटौती लागू कर दी है। यदि जल्द जोरदार बारिश नहीं हुई तो शहर में जल संकट और गहरा सकता है।

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