मुख्यपृष्ठनए समाचारईरान डील पर ट्रंप की टीम में टूट-फूट!

ईरान डील पर ट्रंप की टीम में टूट-फूट!

-विरोध में रक्षा मंत्री हेगसेथ और विदेश मंत्री रुबियो

-सपोर्ट में जेडी वेंस, दूत विटकॉफ और दामाद कुशनर

एजेंसी / वॉशिंगटन

ट्रंप के ईरान डील पर अमेरिका में ही उनकी टीम में टूटफूट हो गई है। सीआईए ने अपनी जासूसी के आधार पर साफ कहा है कि उसे ईरान की मंशा पर यकीन नहीं है, वहीं ट्रंप की टीम के दो बड़े नाम विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सवाल खड़ा किया है कि ये डील अमेरिका के लिए हितकारी नहीं है।
ईरान के साथ डील करके अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप होमग्राउंड पर फंस गए हैं। सीआईए समेत अमेरिकी प्रशासन के दिग्गज व्यक्तियों ने इस डील की कामयाबी पर संदेह व्यक्त किया है और ट्रंप पर ईरान को जरूरत से ज्यादा ढील देने का आरोप लगाया है। बता दें कि ट्रंप भी ऐसा ही आरोप अपने राजनीतिक विरोधी बराक ओबामा पर लगाते रहे हैं, जिन्होंने २०१५ में ईरान के साथ ऐसी ही डील की थी। वहीं ट्रंप को इस डील पर सपोर्ट करने वालों में उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप के सलाहकार और दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं। इस तरह से ईरान के साथ इस सीआईए पर ट्रंप की टीम दो हिस्सों में बंट गई है। इनमें से एक हिस्सा इस डील का विरोध कर रहा है, जबकि दूसरा हिस्सा इसके सपोर्ट में है।
सीआईए ने की जासूसी
सीआईए ने अपने एजेंटों से मिले इनपुट और ईरान की जासूसी के आधार पर कह दिया है कि अमेरिका को फिर से धोखा मिलने वाला है इसलिए अमेरिका को चेत जाना चाहिए। ईरान के साथ ट्रंप के इस समझौते का विरोध करने वालों में उसके दो लेफ्टिनेंट विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ शामिल हैं।
अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने इस फूट पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है। एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने राष्ट्रपति ट्रंप और दूसरे सीनियर अधिकारियों को बताया कि उन्हें सबूतों से इस बात पर गंभीर शक पैदा होता है कि ईरान किसी भी अंतिम समझौते में अमेरिका की मांग के मुताबिक परमाणु मामलों में रियायतें देने को तैयार होगा।

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