-क्या अब भी मंडरा रहा है जान का खतरा?
-शांति समझौते पर सस्पेंस बढ़ा
एजेंसी / वॉशिंगटन
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की चर्चाओं के बीच नया सस्पेंस पैदा हो गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता के बेटे मोजतबा खामेनेई अब भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उनकी रहस्यमयी गैरमौजूदगी ने अटकलों को हवा दे दी है कि क्या जान का खतरा अब भी बरकरार है और इसी वजह से शांति समझौते पर संशय बना हुआ है।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठ गया है। दोनों देशों के बीच समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर हो चुके हैं और १९ जून को स्विट्जरलैंड में आमने-सामने बैठकर एमओयू पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। लेकिन इस ऐतिहासिक डील के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई अब तक अंडरग्राउंड क्यों हैं और उनकी जगह समझौते पर हस्ताक्षर कौन कर रहा है?
अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल समझौते पर अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हस्ताक्षर किए, जबकि ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने दस्तखत किए। हालांकि, तेहरान ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है। माना जा रहा है कि १९ जून को होने वाली बैठक में भी गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ही ईरान का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस बीच मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। युद्ध समाप्त होने और अमेरिका के नरम रुख के बावजूद वह अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ होने वाले सभी पैâसले मोज्तबा खामेनेई की निर्धारित नीतियों और दिशानिर्देशों के अनुरूप ही लिए जा रहे हैं। यानी सत्ता की कमान उनके हाथ में है, लेकिन वे अभी भी पर्दे के पीछे से पैâसले ले रहे हैं।
कब सामने आएंगे मोजतबा?
सूत्रों के अनुसार, पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार जुलाई के पहले सप्ताह में हो सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए मोज्तबा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं। अमेरिका के साथ समझौते के बाद ईरान में हालात सामान्य होने की संभावना है, ऐसे में दुनिया की निगाहें अब मोज्तबा खामेनेई की अगली राजनीतिक और सार्वजनिक मौजूदगी पर टिकी हैं।
