मुख्यपृष्ठसमाचार४ साल मासूम बना ‘नन्हा हीरो’ डूबते व्यक्ति की बचाई जान!

४ साल मासूम बना ‘नन्हा हीरो’ डूबते व्यक्ति की बचाई जान!

-समय पर दी सूचना, मौत के मुंह से निकला युवक

जेदवी / मुंबई

कहते हैं कि हिम्मत और इंसानियत की कोई उम्र नहीं होती। ठाणे में महज ४ साल के एक मासूम बच्चे ने अपनी अद्भुत सूझबूझ से यह बात सच साबित कर दी। नन्हे वरुण निकाते की सतर्कता, ट्रैफिक पुलिस व अग्निशमन दल की त्वरित कार्रवाई के चलते एक डूबते हुए व्यक्ति की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, वरुण निकाते ने एक व्यक्ति को पानी में डूबते और मदद के लिए संघर्ष करते देखा। आमतौर पर ऐसी स्थिति में बड़े-बड़े लोग भी घबरा जाते हैं, लेकिन वरुण ने हिम्मत नहीं हारी। उसने बिना एक पल गंवाए सीधे नजदीकी ट्रैफिक पुलिस कार्यालय की ओर दौड़ लगाई और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को पूरी घटना की जानकारी दी।
मासूम बच्चे की बात सुनते ही पुलिसकर्मियों ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल बचाव अभियान शुरू कर दिया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल सोनवणे, हेड कांस्टेबल पाटील और हेड कांस्टेबल पालवे ने अहम भूमिका निभाई। इसी दौरान सड़क से गुजर रही अग्निशमन दल की गाड़ी को रोका गया और पुलिसकर्मी दमकल जवानों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। मौके पर पहुंचते ही ट्रैफिक पुलिस और अग्निशमन दल ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
समय पर सूचना बनी जीवनदायी
कड़ी मशक्कत के बाद डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि वरुण समय रहते सूचना नहीं देता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी और रेस्क्यू अभियान इतनी सफलता से पूरा नहीं हो पाता।
नन्हे वरुण की हर तरफ सराहना
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में ४ वर्षीय वरुण निकाते की बहादुरी और समझदारी की चर्चा हो रही है। वहीं हेड कांस्टेबल सोनवणे, पाटील और पालवे समेत अग्निशमन दल के जवानों की तत्परता और साहस की भी जमकर प्रशंसा की जा रही है। एक मासूम बच्चे की सजगता, पुलिस की तत्परता और दमकल कर्मियों की बहादुरी ने मिलकर एक व्यक्ति को मौत के मुंह से वापस खींच लाया। ठाणे की यह घटना इंसानियत, जिम्मेदारी और साहस का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

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