मुख्यपृष्ठनए समाचारस्कूल जाने को पगडंडी का सहारा...सड़क के इंतजार में ग्रामीणों का संघर्ष

स्कूल जाने को पगडंडी का सहारा…सड़क के इंतजार में ग्रामीणों का संघर्ष

-बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर दस दिन से धरने पर बैठे किसान

-अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप

राजेश सरकार / प्रयागराज

यूपी के प्रयागराज में बारा विधानसभा क्षेत्र में शंकरगढ़ ब्लॉक के बंधवा गांव में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीण किसान 10 दिन से संघर्षरत हैं। लेकिन विधायक-सांसद तक इनकी आवाज नहीं पहुंच रही है। विकासित भारत का नारा देने वाली भाजपा सरकार में सड़क जैसी बुनियादी जरूरत के लिए ग्रामीण किसानों का यह संघर्ष सरकार की कथनी और करनी में फर्क बताने को काफी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सड़क निर्माण, जल निकासी समेत अन्य जरूरी सुविधाओं के अभाव में लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने की जहमत नहीं उठाई। धरनारत ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सबसे बड़ी समस्या सड़क का अभाव है। आज भी स्कूली बच्चों को कच्ची और ऊबड़-खाबड़ पगडंडी के सहारे स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में यही रास्ता दलदल और फिसलन में बदल जाता है, जिससे छोटे बच्चों का आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या से विभागीय अधिकारी पूरी तरह अवगत हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के ब्लॉक प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि बंधवा गांव में सड़क, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का संकट काफी समय से बना हुआ है। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर और शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक गांव की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक ग्रामीण किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

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