-सायन अस्पताल में मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं
-सीनियर डॉक्टर गायब, ओपीडी जूनियरों के भरोसे
द्रुप्ति झा / मुंबई
सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और मुफ्त इलाज मुहैया कराने के मनपा के दावे एक बार फिर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। मुंबई के प्रसिद्ध लोकमान्य तिलक (सायन) अस्पताल की हकीकत इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल के सीनियर डॉक्टरों की कथित मनमानी और लापरवाही के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा मामला पिछले मंगलवार का है, जहां सायन अस्पताल के ओपीडी नंबर-६ में सुबह से ही इलाज के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह थी कि संबंधित सीनियर डॉक्टर अपनी ड्यूटी से नदारद थे। मरीज और उनके परिजन घंटों तक इस उम्मीद में तड़पते रहे कि कोई बड़ा डॉक्टर उन्हें देखेगा, लेकिन अंत में उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इस दौरान पूरी ओपीडी की व्यवस्था केवल जूनियर डॉक्टरों के कंधों पर छोड़ दी गई थी।
एयर कंडीशन कमरों में आराम फरमा रहे वरिष्ठ डॉक्टर
मरीजों का सीधा आरोप है कि अस्पताल के कई वरिष्ठ डॉक्टर अपने कर्तव्यों का पालन करने के बजाय अपने एयर कंडीशन कमरों में आराम फरमाते हैं। ओपीडी का पूरा बोझ जूनियर डॉक्टरों पर डाल दिया जाता है। इससे न केवल मरीजों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को समय पर विशेष उपचार नहीं मिल पा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम और मरीजों के आरोपों को लेकर जब सामना संवाददाता ने सायन अस्पताल के डीन से सवाल किया तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा सायन अस्पताल में मरीजों की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ओपीडी नंबर-६ में सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने इस संबंध में विभाग प्रमुख से तुरंत रिपोर्ट तलब की है।
