मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिआईआईआरएफ की रैंकिंग में टीएमयू के लॉ कॉलेज का शानदार प्रदर्शन

आईआईआरएफ की रैंकिंग में टीएमयू के लॉ कॉलेज का शानदार प्रदर्शन

खास बातें
* आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग 2026 की प्राइवेट श्रेणी में देशभर में 35वीं रैंक।
* टीएमयू कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने उत्तर प्रदेश में 5वीं रैंक हासिल की।
* कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने उम्मीद जताई कि हमारा लॉ कॉलेज नई बुलंदियां छुएगा।
* टीएमयू लॉ कॉलेज बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता प्राप्त है : प्रो. हरबंश दीक्षित।
* वकालत का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए कॉलेज में लीगल एड सेल भी गठित है : प्रो. एस.के. सिंह।
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने आईआईआरएफ (इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) द्वारा जारी वर्ष 2026 की नवीनतम रैंकिंग में अपने शैक्षणिक प्रदर्शन और बुनियादी ढांचे में सुधार के दम पर शानदार उपलब्धि हासिल की है। सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट यूनिवर्सिटी की श्रेणी में लॉ कॉलेज ने देशभर में 35वीं, जबकि उत्तर प्रदेश में 5वीं रैंक प्राप्त की है।
आईआईआरएफ रैंकिंग में टीएमयू के लॉ कॉलेज ने शिक्षण गुणवत्ता, शोध, इंडस्ट्री ओरिएंटेशन, प्लेसमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन जैसे विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी, आधुनिक शिक्षण पद्धति और छात्रों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने इस सफलता का श्रेय फैकल्टी सदस्यों, छात्रों, पूर्व छात्रों (एल्युमनाई) और सभी स्टेकहोल्डर्स के सामूहिक प्रयासों को देते हुए उम्मीद जताई कि टीएमयू भविष्य में भी कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग की प्राइवेट श्रेणी में टीएमयू का लॉ कॉलेज भारत के शीर्ष 50 सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट लॉ कॉलेजों की सूची में शामिल है। उत्तर प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों और लॉ संस्थानों की सूची में भी यह शीर्ष कॉलेजों में गिना जाता है।
लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने बताया कि टीएमयू का कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता प्राप्त है। कॉलेज में छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए आधुनिक मूट कोर्ट हॉल की सुविधा उपलब्ध है, जहां छात्र वास्तविक अदालत की तरह बहस और कानूनी प्रक्रियाओं का अभ्यास करते हैं।
प्राचार्य प्रो. एस.के. सिंह ने बताया कि समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह देने तथा छात्रों को जमीनी स्तर पर वकालत का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए एक सक्रिय लीगल एड सेल भी कार्यरत है। टीएमयू के लॉ कॉलेज में बीए एलएलबी (ऑनर्स), बीबीए एलएलबी (ऑनर्स), एलएलएम के साथ-साथ पीएचडी की भी सुविधा उपलब्ध है।

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