-अवैध हथियार बनाने का झारखंड और बिहार में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
अनिल मिश्र / रांची
जी हां!, कल तक बाहर से देखने में यह एक आम लोहार की दुकान थी। आम लोग खेती-किसानी के औजार बनवाने और मरम्मत कराने आते थे। लेकिन आज पुलिस का दावा है कि इसी दुकान और उससे सटे मकान के भीतर पिछले कई सालों से अवैध हथियार बनाने का खेल चल रहा था। दरअसल, कल मंगलवार और बुधवार दरम्यानी देर रात भुरकुंडा पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापा मारा तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई। कमरे में आधी बनी पिस्टलें थीं, मैगजीन रखी थीं और हथियार तैयार करने वाली मशीनें भी मौजूद थीं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लोहार दिनेश विश्वकर्मा और उसकी पत्नी नूतन देवी को हिरासत में लिया है। अब दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इस संबंध में रामगढ़ के पुलिस कप्तान मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के दत्तो गांव में एक व्यक्ति लंबे समय से मकान और लोहार की दुकान की आड़ में अवैध हथियार तैयार कर रहा है। सूचना को हल्के में नहीं लिया गया। रामगढ़ जिले और हजारीबाग जिले पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई और देर रात छापेमारी की गई। जैसे ही पुलिस दुकान और मकान के अंदर पहुंची, वहां हथियार बनाने का सामान और अर्धनिर्मित पिस्टल के पार्ट्स मिले। इसके बाद पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली गई।इस संबंध में पुलिस का मानना है कि यह मामला सिर्फ हथियार बनाने तक सीमित नहीं हो सकता। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि इन हथियारों की सप्लाई किसे की जाती थी। क्या कोई अपराधी गिरोह इससे जुड़ा हुआ था या फिर अलग-अलग लोगों को हथियार बेचे जाते थे। इन सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है। इस संबंध में रामगढ़ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राघवेंद्र शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं। वहीं तलाशी के दौरान पुलिस ने 7.65 एमएम की तीन अर्धनिर्मित पिस्टल की बॉडी बरामद की। इसके अलावा नौ मैगजीन, फायरिंग पिन, ट्रिगर, स्प्रिंग, लॉक पिन और कई दूसरे पुर्जे भी मिले। वहीं ड्रिल मशीन, गैस कटर, वेल्डिंग मशीन, रेलवे पटरी का टुकड़ा और दूसरे औजार भी बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल हथियार बनाने में किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से एक एक्टिवा स्कूटी भी जब्त किया है। गौरतलब हो कि आये दिन झारखंड और बिहार प्रदेश के विभिन्न भागों से अवैध हथियार बनाने या बेचने का मामला प्रकाश में आते रहा है। जानकारी के मुताबिक, बिहार और झारखंड में निर्मित अवैध हथियारों की सप्लाई देश के की राज्यों में किया जाता रहा है।कभी दानवीर कर्ण नगरी मुंगेर इस अवैध हथियारों के निर्माण और बिक्री का हब माना जाता था।
